REPO RATE HIKE : रेपो रेट में हुए बदलाव के बाद कई बैंकों ने ब्याज दरों में वृद्धि की है। यदि आपने भी किसी बैंक से लोन ले रखा है तो जरूरत जान लें कि आपके लोन पर जाने वाली ईएमआई पर क्या असर पड़ेगा। क्योंकि इससे आपका बजट बिगड़ सकता है।
दरअसल त्योहारी सीजन शुरू हो गया है, इसके साथ ही महंगाई की मार भी पड़ गई है। क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने रेपो रेट में 0.25 की वृद्धि की है। इसके कारण यह माना जा रहा था कि बैंकों द्वारा लोन पर ब्याज दर बढ़ाई जाएगी।
इसके रूझान भी आने लगे हैं। क्योंकि रेपो रेट बढ़ने से देश के कई बैंकों ने ब्याज दरों वृद्धि की है। सबसे पहले पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB, इंडियन बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों ने रेपो रेट के अनुपात में ही ब्याज दर 0.25 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।
यानी जिन ग्राहकों ने इन बैंको से लोन लिया है, अब उनको यह ऋण चुकाना महंगा हो जाएगा। इसका सीधा असर आपके मासिक बजट पर पड़ेगा। क्योंकि अब आपको ईएमआई भी अधिक देनी होगी। ऐसे में इस वृद्धि का असर जान लेँ।
4 साल बाद बढ़ी है रेपो रेट
हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक ने 4 साल बाद रेपो रेट में वृद्धि की है। 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से अब रेपो रेट 5.50 प्रतिशत हो गई है। फिलहाल रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरी है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि रेपो रेट में और भी इजाफा हो सकता है।
8.10 से बढ़ कर 8.35 प्रतिशत हुई पीएनबी की ब्याज दर
आपको बता दें कि जैसे ही रेपो रेट में वृद्धि हुई है, इसके साथ ही पंजाब नेशन बैंक ने ब्याज दर 8.10 प्रतिशत से बढ़ा कर 8.35 प्रतिशत कर दिया है। इसकी सूचना बैंक द्वारा शेयर बाजार को भी दी गई है। 8 अक्टूबर से नई दर लागू हो गई हैं। हालांकि सीमांत लागत आधारित ऋण (MCLR) एवं आधार रेट बदलाव फिलहाल नहीं हुआ है।
इसके साथ ही इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया के साथ इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी बढ़ाई ब्याज दरों में इजाफा किया है। इंडियन बैंक द्वारा रेपो से जुड़ी बेंचमार्क ऋण दर (RBLR) पर लगने वाली ब्याज दर 7.95 प्रतिशत को अब बढ़ा कर 8.20 प्रतिशत कर दिया है। यह दर भी 8 अक्टूबर से लागू हो चुकी हैं।
इसी प्रकार ऑफ बड़ौदा द्वारा रेपो आधारित लोन पर लगने वाले 7.90 प्रतिशत ब्याज को बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत किया गया है। बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा रेपो आधारित ऋण दर (RBLR) में वृद्धि करते हुए इसको 8.35 प्रतिशत किया गया है। यह दर भी 8 अक्टूबर से लागू हो गई हैं।

