double-decker metro flyover: दिल्ली का पहला डबल डेकर मेट्रो फ्लाईओवर तैयार है। यह पहला डबल-डेकर मेट्रो-फ्लाईओवर दिवाली के बाद दिसंबर 2026 तक चालू हो जाएगा और यमुना के पार लोगों को तेज गति से आवाजाही प्रदान करेगा। यह डबल डेकर कॉरिडोर रिठाला से नरेला, बवाना मेट्रो मार्ग पर 1.3 किमी लंबा है। यह एनएच-344पी पर रोहिणी सेक्टर-34 और बवाना औद्योगिक सेक्टर 1-2 के बीच बनाया जाएगा। इसमें नीचे की सड़क पर राष्ट्रीय राजमार्ग, बीच में फ्लाईओवर और शीर्ष पर बवाना की मेट्रो लाइन होगी। द.
90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा
बारापुल्ला फ्लाईओवर के बाद यह दिल्ली के लोगों के लिए एक नया उपहार होगा। दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने यमुना विहार और भजनपुरा के बीच दिल्ली का पहला अनूठा डबल डेकर मेट्रो फ्लाईओवर बनाया है। दिल्ली सरकार ने इस पर 291 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा दिल्ली में साकेत, आजादपुर और रोहिणी से बवाना के बीच तीन और डबल डेकर फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है।
घनी आबादी वाली उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अलग मेट्रो पटरियों और सड़कों को चौड़ा करने के लिए कोई जमीन नहीं थी। इसलिए, यह डबल डेकर मेट्रो फ्लाईओवर लागत और समय बचाने के लिए बनाया गया है।
बता दे की यहाँ 4 से 6 लेन का फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। माहिली मनजीर, जो कारों, बसों और दोपहिया वाहनों के लिए होगी। ऊपरी स्तर पर एक मेट्रो कॉरिडोर होगा और दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन (फेज-4) की मेट्रो यहां चलेगी। इस डबल डेकर फ्लाईओवर से लगभग 180 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
यह 1.4 किलोमीटर लंबा डबल डेकर कॉरिडोर उत्तर पूर्वी दिल्ली के सबसे व्यस्त मंगल पांडे मार्ग पर बनाया जा रहा है। यह यमुना विहार और भजनपुरा मेट्रो स्टेशनों के बीच है। यह फ्लाईओवर कवल नगर, घोंडा, बृजपुरी जंक्शन, चांदबाग और गोकुलपुरी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा। खजुरी खास से गुजरने वाले वजीराबाद रोड पर गोकुलपुरी से सिग्नेचर ब्रिज तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। यह मौजपुर और मजलिस पार्क (12.5 किमी) के बीच पिंक लाइन मेट्रो कॉरिडोर का हिस्सा है। इसके साथ ही पूरा पिंक लाइन मार्ग देश का सबसे लंबा रिंग कॉरिडोर बन गया है।

