Stock Market Live Update : भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को निवेशकों को चिंता में डाल दिया। जहां पर भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निचले स्तर को छू रहा है। अचानक ही क्रेस हुई भारतीय मार्केट के चलते निवेशों का करोड़ों रुपये डूब गए। मंगलवार सुबह मार्केट खुल तो शेयर मार्केट एक स्तर पर कारोबार करती रही, लेकिन दोपहर होते ही शेयर बाजार अचानक ही क्रेस हो गया और लगातार निचले स्तर को छू रहा है।
दोपहर एक बजे के आसपास शेयर बाजार में मची उथल पुथल के चलते निवेशकों की धड़कनों को बढ़ा हुआ है। जहां पर कुछ ही मिनटों में 700 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसके कारण लोग लगातार मुनाफा वसूल कर रहे हैं और शेयर बाजार में दबाव बना हुआ है। इसका मुख्य कारण अचानक ही रुपये में गिरावट देखी गई।
जहां भारतीय रुपये एक डालर के मुकाबले 96 रुपये को पार कर गया। दोपहर 1.20 मिनट पर एक डालर के मुकाबले भारतीय रुपया 96.17 पर कारोबार कर रहा है। वहीं बात की जाए तो सोना के दामों में अचानक ही उछाल आया है। वेस्ट एशिया क्षेत्र से सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की चिंता के कारण निफ्टी 50 और सेंसेक्स में गिरावट मुख्य कारण न रही है।
आपको बात दे कि दोपहर 12:00 बजे तक, सेंसेक्स 121.61 अंक या 0.17 प्रतिशत गिरकर 72,358.68 पर कारोबार कर रहा था, लेकिन दोपहर 1 बजकर 20 मिनट तक इसमें अचानक ही गिरावट दर्ज की गई। जहां पर 963 अंक की गिरावट के साथ सेंसेक्स 71617 अंकों पर कारोबार करता हुआ नजर आया।
इसी तरह निफ्टी दोपहर 12 बजे 64.15 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,556.70 पर कारोबार कर रही थी, लेकिन इसके बाद गिरावट 22,329 पर कारोबार करते हुए नजर आए। निफ्टी 50 इंडेक्स में बजाज ऑटो, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट सबसे ज्यादा गिरी है।
विशेषज्ञ मार्केट गिरने के 4 कारण बता रहे।
FII की बिकवालीः US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के बीच, 30 सितंबर को FII ने लगातार पांचवें सेशन में बिकवाली जारी रखी और 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के भारतीय शेयर बेचे, जो बाज़ार के लिए एक बड़ी रुकावट बनी रही। डेटा के मुताबिक, 30 सितंबर को FII की नेट बिकवाली 10,148 करोड़ रुपये रही।
रुपये में गिरावट
US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से डॉलर इंडेक्स तीन महीने से ज़्यादा के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया, जिससे एशियाई मुद्राओं के साथ-साथ भारतीय रुपया भी कमज़ोर हुआ। रुपया 0.16 प्रतिशत गिरकर 95.9850 प्रति डॉलर पर आ गया, लेकिन 96 के स्तर से ऊपर बना रहा।
इंडिया VIX में बढ़ोतरी
डर का पैमाना या वोलैटिलिटी इंडेक्स (उतार-चढ़ाव का सूचकांक) लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 14.13 हो गया। इंडिया VIX में बढ़ोतरी भारतीय शेयर बाज़ार में ज़्यादा उतार-चढ़ाव की उम्मीद को दिखाती है, जो निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और सावधानी को दर्शाता है।
टेक्निकल कारण
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “निफ्टी 50 इंडेक्स 22,544 के स्तर के पास हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और दबाव में बना हुआ है, जिससे हाल के सत्रों में देखी गई कमज़ोरी जारी है। इंडेक्स अभी 22,500-22,550 के अहम सपोर्ट ज़ोन को टेस्ट कर रहा है, इसलिए निकट भविष्य के टेक्निकल स्ट्रक्चर के लिए इस ज़ोन का टिके रहना ज़रूरी है। अगर यह 22,500 के नीचे लगातार बना रहता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,300 के स्तर तक जा सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “ऊपर की तरफ, 22,700-22,800 का ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस एरिया (बाधा) का काम कर सकता है। अगर यह 22,800 के ऊपर लगातार रिकवर करता है, तो कुछ स्थिरता मिल सकती है और 23,000 की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है। 23,000 की स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल OI (ओपन इंटरेस्ट) भी है, जो डेरिवेटिव्स के नज़रिए से इसे एक बड़ी ऊपरी बाधा बनाता है।
मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर बने हुए हैं: RSI 20 के आसपास है और मज़बूती से ओवरसोल्ड ज़ोन में है, जो लगातार गिरावट के मोमेंटम को दर्शाता है। हालांकि, बहुत ज़्यादा ओवरसोल्ड स्थिति के कारण बीच-बीच में रिकवरी की कोशिशें हो सकती हैं। निकट भविष्य के लिए टेक्निकल आउटलुक मंदी वाला (बेयरिश) बना हुआ है।”

