मानेसर व खरखौदा के बाद हरियाणा उद्याेग स्थापित होने के लिए प्रदेश के पुराने जिलों में शामिल जींद का बारी आ गई है। जींद जिले से प्रदेश के प्रमुख नेशनल हाईवे होने के चलते देश के प्रमुख नेशनल हाईवे से सीधा जुड़ाव हो गया है। इसके चलते हरियाणा सरकार ने जींद सहित प्रदेश में 10 नई औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करने का पूरा प्रमोजल तैयार कर लिया है।
सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि जींद सहित 10 जहों पर 10 नई औद्योगिक टाउनशिप स्थापित की जाएगी। हरियाणा के सेंटर में होने व देश की राजधानी दिल्ली के निकट होने के चलते जींद जिले में ज्यादा उद्योग स्थापित होने की अपरा संभावनाएं है।
हरियाणाा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि आईएमटी को अपनाने वाला हरियाणा देश में सबसे आगे है। इसके चलते यहां औद्योगिक विकास को नई गति देने वाली साबित होंगी। हरियाणा के इस मॉडल को देश के दूसरे राज्यों ने भी अपनाया है। आईएमटी को केवल उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें आधुनिक और आत्मनिर्भर औद्योगिक क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
हरियाणा के जींद, नारायणगढ़, अंबाला, मुरथल-गन्नौर और राई में 10 नई आईएमटी स्थापित की जाएगी। इन नई आईएमटी में सुविधा के लिए एक-एक सर्विस सेंटर बनाए जाने प्रस्तावित हैं जहां सभी सेवाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध करवाई जाएंगी। आईएमटी व विकास परियोजनाओं के विकास के लिए पीएम गतिशक्ति के मानकों की भी अनुपालना की जा रही है।
हरियाणा में छह प्रमुख औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई बैठक में बताया गया कि एचएसआईआईडीसी द्वारा हरियाणा में छह प्रमुख औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित की गई है। इसमें मानेसर में लगभग 4,000 एकड़, बावल 3,300 एकड़, रोहतक 3,600 एकड़, सोहना 1,500 एकड़, फरीदाबाद 1,800 एकड़ तथा खरखौदा आईएमटी 3,200 एकड़ में औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित की गई है। इन औद्योगिक मॉडल टाउनशिप को विश्वस्तर पर पहचान मिलने वाली है।
आईएमटी की बढ़ती मांग को देखते हुए आईएमटी का विस्तार किया जाएगा। इसमें खरखौदा में लगभग 5,800 एकड़, कोसली का लगभग 5,000 एकड़, बावल का लगभग 2,000 एकड़, सोहना का लगभग 1,500 एकड़ और फरीदाबाद-पलवल आईएमटी का लगभग 9,000 एकड़ तक विस्तार प्रस्तावित है। इसी तरह जींद जिले में 11 हजार एकड़ में नई आईएमटी बनाई जाएगी, जो नेशनल हाईवे के साथ जुड़ेगी।
आईएमटी को विश्वस्तरीय सुविधाएं की जाएगी उपलब्ध
बैठक में बताया कि प्रदेश में स्थापित होने वाली आईएमटी में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें सड़कों, बर्म, शौचालयों, सौंदर्यीकरण तथा हरित क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। इन्हें देखने के लिए आने वाला हर व्यक्ति इनकी सुंदरता का कायल हो जाए। आईएमटी परिसरों के सौंदर्यीकरण आदि के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आईएमटी में प्रदूषित जल के समाधान तथा जल उपलब्धता के लिए जैडएलडी (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।

