Haryana News: हरियाणा प्रदेश में ट्रांसफर पॉलिसी और भत्तों को लेकर नर्सिंग कदर में रोष फैल गया है। नर्सिंग कैडर के कर्मचारियों ने ट्रांसफर पॉलिसी और भत्तों को लेकर बनाई गई पॉलिसी के विरोध में 5 अक्टूबर से प्रदेश में हड़ताल की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग हरियाणा में कार्यरत नर्सिंग कैडर ने मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध और पिछले 15 महीनों से बकाया यूनिफॉर्म व वाशिंग अलाउंस न मिलने पर राज्य सरकार व विभाग के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का मोर्चा खोल दिया है।
5, 6 और 7 अक्टूबर को रखेंगे सांकेतिक हड़ताल
हरियाणा प्रदेशमें सिविल अस्पताल चरखी दादरी के नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अल्टीमेटम देते हुए ऐलान किया कि पहले चरण में 30 सितंबर व 1 अक्टूबर को प्रदेश भर में में नर्सिंग स्टाफ काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करेगा।
इसके बाद भी मांगें न माने जाने पर 5, 6 और 7 अक्टूबर को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक 2 घंटे की सांकेतिक हड़ताल रहेगी। समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि डीजीएचएस कार्यालय की लापरवाही के कारण एनआईसी / एचआरएमएस पोर्टल पर आज भी पदनाम स्टाफ नर्स दर्ज हैं, जबकि वर्ष 2019 में ही गजट नोटिफिकेशन जारी कर इसे नर्सिंग ऑफिसर संशोधित किया जा चुका है।
महिलाओं व सुरक्षा पर पड़ेगा बुरा असर
जिला प्रधान जितेंद्र सांगवान नर्सिंग ऑफिसर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग कैडर में मुख्य रूप से महिलाएं कार्यरत हैं, जिन पर परिवार, बुजुर्गों व बच्चों की देखभाल की सामाजिक जिम्मेदारियां हैं।
स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे तीनों शिफ्टों (मॉर्निंग, इवनिंग, नाइट) में सेवाएं देनी पड़ती हैं। ग्रामीण व सुदूर इलाकों के अस्पतालों में पदस्थापना से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा होगा।

