Eastern Peripheral Expressway: दिवाली से पहले हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लोगोें को अब सफर का नया अनुभव मिलने वाला है। क्योंकि जल्द ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज शरू होगा। अधिकारियों का कहना है कि अगले महीने यानी 15 अक्टूबर तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है।
दरअसल यह इंटरचेंज पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बड़े हिस्से के लिए बहुत बड़ी सुविधा होगा। यह इंटरचेंज यूपीआइटीएस में बन रहा है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम की ओर से जाने वाले लोगों को अब बेहद आसान रास्ता मिल जाएगा। इसके लिए यीडा द्वारा इस इंटरचेंज को सीमित स्तर पर खोलने के लिए प्रयास हो रहे हैं। यह मंजूरी एनएचएआई के स्तर पर होनी है।
इसको लेकर यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा है कि एनएचएआई ही इस इंटरचेंज को लेकर अंतिम रूप से फैसला लिया जाएगा। दरअसल यह इंटरचेंज जगनपुर अफजलपुर गांव के पास बन रहा है। इस इंटरचेंज पर लोगों के लिए चार लूप और आठ रैंप की सुविधा मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इसकी लंबाई 13.308 किलोमीटर होने वाली है।
वहीं इस इंटरचेंज के निर्माण पर लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यहां पर इंटरचेंज बनने से यमूना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल दोनों एक्सप्रेसवे के जुड़ने के साथ यीडा द्वारा निर्मित 60 मीटर चौड़ा रोड भी इससे सीधा जुड़ जाएगा।
इसका काम काफी तेजी से चल रहा है। इसकी प्रगति भी लगातार जांची जा रही है। करीब एक महीना पहले ही एनएचएआई चेयरमैन ने स्वयं दौरा कर यहां निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आदेश भी दिए थे कि यह काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। ऐसे में अब 15 अक्टूबर तक यह सौगात लोगों को मिल सकती है।
घटेगी दूरी, बढ़ेगी सुविधा
दरअसल यहां पर इंटरचेंज लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि इससे के निर्माण से करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाने से वाहन चालक बचेंगे।
फिलहाल की बात की जाए तो वाहन चालक इस लिंक तक आने के लिए ग्रेटर नोएडा होकर इंटरचेंज करते हैं। यह दूरी करीब 20 किलोमीटर पड़ती है।
वहीं इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यूपीआईटीएस में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी काफी संभावना बनेंगी। ऐसे में यीडा द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि फरीदाबाद और गाजियाबाद की तरफ से ईस्टर्न पेरिफेरल जो वाहन आते हैं, उनको यमुना एक्सप्रेस पर जाने के लिए जबररदस्त सुविधा मिल जाएगी।
इससे वाहन चालकों को यूपीआइटीएस पहुंचने में बहुत अच्छी सुविधा मिल जाएगी। इससे जहां दूरी कम होगी, वहीं वाहन चालकों का समय भी बचेगा। ऐसे में यह इंटरचेंज भविष्य की नई संभावनाएं लेकर भी आएगा।

