Haryana News : हरियाणा में अब मकान, दुकान व अन्य भवन बनाने से पहले उसका नक्शा पास करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में अब पुराने बने हुए मकानों का नक्शा भी पास करवाना होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार की तरफ से सभी नगर निगम व नगर परिषद, नगर पालिकाओं को आदेश जारी कर दिए है।
जहां पर कई नगर निगम व नगर परिषद की तरफ से इस अभियान की शुरुआत भी कर दी गई है। इसी कड़ी में हिसार में प्रत्येक मकान व दुकान का नक्शा पास करवाने की अभियान की शुरुआत कर दी है। अब मकान, दुकान या व्यावसायिक इमारत का निर्माण कराने के लिए भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होने जा रही है। प्रदेश सरकार ने शहर में नक्शा पास कराने की पुरानी और जटिल प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है।
इस नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसके तहत पूरे हिसार शहर की कॉलोनियों को कुल सात फेजों में शामिल किया जाएगा। नया पोर्टल इसी माह के अंतिम सप्ताह में या अक्टूबर माह की शुरुआत में चालू हो जाएगा। निगम कमिश्नर सी जया श्रद्धा ने बताया कि ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान पर फोकस किया जा रहा है। जल्द ही यूजर आईडी तैयार हो जाएगी।
पहले फेज की शुरुआत टाउन प्लानिंग स्कीम के तहत होगी
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पहले फेज में स्कीम वाली जितनी भी कॉलोनियां हैं, उन्हें शामिल किया जाएगा। स्कीम के तहत आने वाली 20 से ज्यादा प्रमुख कॉलोनियों व मार्केट एरिया को शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, टीपी स्कीम वाली कॉलोनियों के आवेदकों को एक अलग विशेष पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जबकि अन्य सामान्य कॉलोनियों के लिए सरल पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन की सुविधा जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण के सफल क्रियान्वयन के बाद बाकी छह फेजों को भी जल्द लागू करके पूरे शहर को इस पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ दिया जाएगा।
ऑटोमेटिक एफएआर से रुकेगी गड़बड़ी, नहीं कर सकेंगे हेरफेर
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो पुरानी प्रणाली में कई तकनीकी और प्रशासनिक खामियां थीं, जिसका फायदा उठाकर कई बार गलत मैपिंग या नियमों का उल्लंघन कर नक्शे पास करा लिए जाते थे। नई ऑनलाइन व्यवस्था में यह खामी पूरी तरह दूर हो जाएगी। जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
- सॉफ्टवेयर खुद तय करेगा एफएआर नए पोर्टल पर फ्लोर एरिया रेशो का कैलकुलेशन सिस्टम खुद-ब-खुद (ऑटोमेटिक) करेगा।
आर्किटेक्ट्स की मनमानी खत्म: डिजिटल सिस्टम लागू होने से आर्किटेक्ट्स या आवेदकों द्वारा आंकड़ों में किसी भी तरह की हेरफेर या गड़बड़ी करने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। - यूजर आईडी प्रक्रिया शुरू: नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सिस्टम केसुचारू संचालन के लिए यूजर आईडी तैयार करने का काम तेजी से निपटाया जा रहा है। इसमें रिकॉर्ड को मेंटेन रखना और जरूरत पर देखना भी आसान होगा।
कमर्शियल एरिया भी किया जाएगा शामिल
नगर सुधार योजनाओं और टाउन प्लानिंग स्कीम के तहत विकसित की गई शहर की कॉलोनियों के साथ साथ पहले चरण में स्कीम के तहत काटी मार्केट एरिया को भी शामिल किया जाएगा। इनमें मॉडल टाउन मार्केट, पटेल नगर मार्केट, राजगुरु मार्केट, ऑटो मार्केट जैसी व्यावसायिक एरिया को भी सम्मिलित किया जाना है। बाकी कॉलोनियों को भी इसमें फेज वाइज शामिल किया जाएगा। जब तक इसमें बची हुई कॉलोनियां शामिल नहीं की जाती वे सरल पोर्टल पर बिल्डिंग प्लान मंजूरी के लिए आवेदन कर सकेंगे।

