हरियाणा की अनाज मंडियों में कपास की आवक जोर पकड़ने लगी है। मंडियों में हर रोज 1 हजार क्विंटल से ज्यादा कपास पहुंच रही है। इस बार न केवल कपास उत्पादन अच्छा है बल्कि भाव भी ऊंचा मिल रहा है। ऐसे में किसानों को कपास की फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद बनी हुई है।
MSP से ज्यादा मिल रहा है भाव
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से मध्यम रेशे वाली कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,267 रुपए प्रति क्विंटल और उच्च किस्म के रेशे वाली नरमा के लिए 8,667 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। लेकिन नरमा को MSP की तुलना में किसानों को प्राइवेट खरीद पर ज्यादा भाव मिल रहा है।मंडियों में प्राइवेट खरीद पर किसानों को नरमा कपास पर 8,800 रुपए प्रति क्विंटल से लेकर 9,050 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है। इससे किसानों को MSP के मुकाबले 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक ज्यादा दाम मिल रहें हैं। इसीलिए किसान प्राइवेट खरीद में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
क्वालिटी के हिसाब से भाव
अनाज मंडी में नरमा कपास के भाव उसकी गुणवत्ता, नमी और रेशे की गुणवत्ता के आधार पर तय हो रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता और कम नमी वाली नरमा को व्यापारी अपेक्षाकृत ऊंचे भाव पर खरीद रहे हैं। किसानों ने उंचा भाव मिलने की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यदि इसी तरह भाव मिलता रहा तो लागत निकालने के बाद अच्छा मुनाफा हो सकता है। बंपर पैदावार से बढ़ी उम्मीद फतेहाबाद जिले की बात करें तो यहां कई इलाकों में नरमा कपास से बंपर पैदावार की उम्मीद बनी हुई है।
इस बार कपास की फसल में गुलाबी सुंडी का प्रकोप ना के बराबर रहा है जिससे अच्छे उत्पादन की संभावना जताई जा रही है। यहां किसानों को प्रति एकड़ 8 से 10 क्विंटल तक उत्पादन का अनुमान है। किसानों का कहना है कि आवक बढ़ने पर भी यदि इसी तरह कपास के भाव में तेजी बनी रहती है तो किसानों को फायदा पहुंचेगा।

