बारिश और सर्दी के मौसम में सोलर पैनल से बिजली पैदा होती है या नहीं, इसको लेकर लोगों के मन में अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का अक्सर सवाल रहता है कि ऐसे मौसम में सोलर पैनल काम करना बंद कर देते हैं या फिर बिजली उत्पादन जारी रहता है। आईए आज हम आपको इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट जानकारी देते है।
बिजली उत्पादन को लेकर भ्रम की स्थिति
बारिश और सर्दी के मौसम में सोलर पैनल से बिजली पैदा करने की असल सच्चाई यह है कि सोलर सिस्टम को बिजली का उत्पादन करने के लिए सूर्य की गर्मी की नहीं बल्कि उसकी रोशनी की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि मानसून के दौरान बादलों के बीच या कड़ाके की ठंड में भी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगातार बिजली उत्पादन करते रहते हैं. हालांकि, मौसम के मिजाज और धूप की उपलब्धता के हिसाब से बिजली उत्पादन की मात्रा में थोड़ा-बहुत बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस तरह होता है बिजली का उत्पादन
सोलर पैनल फोटोवोल्टिक (PV) तकनीक पर काम करते हैं, जो सीधे सूर्य के प्रकाश को विद्युत ऊर्जा में बदलने का काम करती है। लोगों के बीच यह गलतफहमी अक्सर रहती है कि पैनलों को कार्य करने के लिए बहुत तेज तापमान या गर्मी चाहिए, जबकि वैज्ञानिक रूप से अत्यधिक तापमान सोलर सेल की क्षमता को कम कर देता है। ठंड के मौसम में जब तापमान गिरता है, तो पैनल के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स अधिक कुशलता से काम करते हैं. इसका मतलब है कि कम तापमान में रोशनी मिलने पर सोलर सिस्टम ज्यादा बेहतर परिणाम देता है।
बरसात के मौसम की बात करें तो यह सोलर पैनलों के रखरखाव के दृष्टिकोण से बहुत फायदेमंद साबित होता है। गर्मी के मौसम में सोलर पैनल की ऊपरी सतह पर धूल-मिट्टी और प्रदुषण की एक मोटी परत जम जाती है जो धूप को रोककर बिजली उत्पादन घटा देती है। वहीं, बरसात से यह धूल-मिट्टी और गंदगी पूरी तरह से साफ हो जाती है। जिसके बाद सोलर पैनल अपनी पूरी क्षमता के साथ बिजली पैदा करता है।
वहीं, कड़ाके की ठंड और सर्द मौसम के छोटे दिनों की बात करें तो इस दौरान सूर्य की किरणों का कोण तिरछा होने से सोलर पैनलों को सीधी धूप मिलने का समय कम हो जाता है। हालांकि, ठंडा मौसम पैनल की कार्यक्षमता में वृद्धि करता है लेकिन धूप निकलने के सीमित घंटे होने से सामान्य दिनों के मुकाबले बिजली उत्पादन में गिरावट देखने को मिलती हैं। इसके बावजूद भी सिस्टम के सुचारू रूप से काम करने का सिलसिला जारी रहता है और घर की बिजली की जरूरतें पूरी की जा सकती है।

