हरियाणा के फतेहाबाद समेत पांच शहरों में पिछले 11 दिनों से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों के बाहर करीब 1210 टन कचरा जमा हो चुका है। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और लोगों को मास्क लगाकर घर से बाहर निकलने की एडवाइजरी दी गई है। haryana News
18 अगस्त तक बढ़ी सफाई कर्मियों की हड़ताल
सफाई यूनियन ने अपनी हड़ताल को अब 18 अगस्त तक बढ़ा दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में कचरे की समस्या और गंभीर होने की आशंका है। फतेहाबाद, जाखल, भूना, टोहाना और रतिया में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कचरे से उठ रही दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो डेंगू, मलेरिया, डायरिया और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
शहरवासी बोले- टैक्स और कूड़ा उठाने का चार्ज दे रहे, फिर सफाई क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों से निकलने वाला कचरा रखने के लिए अब जगह नहीं बची है। मजबूरी में लोगों को डंपिंग प्वाइंट पर कूड़ा डालना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब लोग टैक्स और कूड़ा उठाने का चार्ज दे रहे हैं तो नगर परिषद और नगरपालिकाओं को सफाई व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और नगरपालिका इस व्यवस्था को संभालने में विफल साबित हुई हैं।
शहरवासियों ने प्रशासन से सफाई व्यवस्था जल्द बहाल करने और सड़कों व रिहायशी इलाकों में जमा कचरे का तत्काल उठान कराने की मांग की है।
महामारी रोग विशेषज्ञ ने दी मास्क लगाने की सलाह
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ विष्णु मित्तल ने कहा कि कचरा काफी फैल चुका है और इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने और मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। सफाई कर्मियों की हड़ताल 18 अगस्त तक जारी रहने के कारण प्रशासन के सामने कचरे के निस्तारण की बड़ी चुनौती है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

