वॉयस ऑफ पानीपत (तमन्ना गोयल) – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) चंडीगढ़ में हुई बैठक के दौरान नारनोल,नारायणगढ़,पानीपत और कुरुक्षेत्र शहरो के आगामी विकास को लेकर विस्तार में बातचीत हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने अधिकारियो को इन शहरो विकास को लेकर भारत -2047 विज़न के अनुरूप ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

एसएलसी की बैठक
एसएलसी की बैठक में पानीपत-2041 प्रारूप विकास योजना (ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान-2041) पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विकास योजना के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिसमें भविष्य की जनसंख्या, शहरी विस्तार, सडक़ नेटवर्क, औद्योगिक विकास, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं तथा आधारभूत ढांचे को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।ताकि बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आगे की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करेंगे। साथ ही उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि वर्ष 2041 को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई यह विकास योजना पानीपत को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और संतुलित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण दस्तावेज सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि प्रारूप विकास योजना में वर्ष 2041 तक पानीपत की जनसंख्या के अनुरूप आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक तथा सार्वजनिक उपयोग की भूमि का वैज्ञानिक तरीके से नियोजन किया गया है। प्रस्तावित योजना में
योग्य क्षेत्र शहरीकरण को शामिल किया जाएगा ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शहर का विस्तार सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि योजना में विभिन्न क्षेत्रों की व्यवहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ज़रूरत के अनुसार सडक़ों का पुनर्संरेखण (री-अलाइनमेंट) किया गया है। बाहरी परिधि मार्ग (आउटर पेरिफेरी रोड) को भी व्यवहारिक स्थिति के अनुसार संशोधित किया गया है। इसके अलावा नगर निगम की आवश्यकता के अनुरूप सेक्टर- 53 में जलापूर्ति के लिए बूस्टिंग स्टेशन तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) स्थल को भी योजना में शामिल किया गया है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं को नहीं बल्कि आने वाले कई दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं।और विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र, बेहतर यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।इसके साथ ही उपायुक्त ने बताया कि विकास योजना के अंतिम प्रकाशन से पूर्व नियमानुसार इसे राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा तथा आम नागरिकों से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।और प्राप्त सुझावों का नियमानुसार परीक्षण कर अंतिम विकास योजना तैयार की जाएगी, जिससे नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि पानीपत प्रदेश का तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक एवं व्यावसायिक शहर है। ऐसे में सुनियोजित विकास योजना से भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा नागरिकों को बेहतर शहरी वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखेगा और जनहित में प्रत्येक आवश्यक कदम समय पर उठाए जाएंगे।साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समन्वय के साथ प्लान को आगे बढ़ाने और विकास कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।सरकार का फोकस इन शहरों में योजनाबद्ध तरीके से विकास को आगे बढ़ाने पर है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

