केंद्र सरकार ने जनगणना के दूसरे चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार जनगणना में लोगों की जाति भी दर्ज की जाएगी आजादी के बाद पहली बार होगा।
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जनगणना के दौरान लोगों की गिनती के चरण में पूछे जाने वाले 40 सवालों को अधिसूचित किया है। इन सवालों में जाति और कोविड वैक्सिनेशन का स्थान जैसी बातें शामिल हैं। आजाद के बाद यह पहली बार है जब अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा अन्य जातियों की भी गिनती की जाएगी। जनगणना फॉर्म में 10वें सवाल में लिखा है, ‘अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/जाति’। डेटा इकट्ठा करने वाला व्यक्ति वही जाति दर्ज करेगा जो जवाब देने वाला बताएगा, क्योंकि यह एक खुला कॉलम है।
1931 में पहली बार हुई भी जाति जनगणना
भारत में पहली बार जातिगत जनगणना ब्रिटिश शासन के दौरान 1931 में हुई थी। हालांकि, जाति आधारित आंकड़े जुटाने के शुरुआती प्रयास 1871-1872 की पहली जनगणना से ही शुरू हो गए थे, लेकिन 1931 की जनगणना को ही भारत की आखिरी और सबसे विस्तृत आधिकारिक जातिगत जनगणना माना जाता है।
जनगणना के दूसरे चरण की अधिसूचना जारी
बहरहाल, जारी बयान के मुताबिक यह प्रक्रिया हिमपात वाले इलाकों में एक सितंबर से शुरू होगी। भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण के आदेश में उन सवालों की जानकारी दी गई है, जैसे कि क्या व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से है और उसकी जाति क्या है।
बर्फबारी वाले इलाकों में एक से 30 सितंबर के बीच होगी जनगणना
इस महीने की शुरुआत में जारी एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के हिमपात वाले इलाकों में लोगों की गिनती एक से 30 सितंबर के बीच होगी।
जनगणना में में पूछे जाएंगे 40 सवाल
मृत्युंजय कुमार नारायण ने उन प्रश्नों को अधिसूचित किया है, जिन्हें जनगणना अधिकारियों को भारत की जनगणना 2027 के दौरान पूछने के लिए अधिकृत किया जाएगा, जिसमें आधार संख्या, मोबाइल नंबर, मतदाता पहचान पत्र, बैंक खाते और जहां भी उपलब्ध हो, कोविड-19 टीकाकरण की जानकारी जैसे विवरण शामिल करने के लिए डेटा संग्रह का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसकी सूची में 40 शामिल किए गए हैं।

