वॉयस ऑफ पानीप ( हिमांशी चावला ) – पंचकुला के सेक्टर-21 में एक रिटायर्ड आर्मी कैप्टन की 72 वर्षीय पत्नी की उनके ही घरेलू सहायक द्वारा कथित हत्या के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत शहर के ऐसे 1800 बुजुर्गों को चिन्हित किया गया है जो या तो अकेले रहते हैं या सिर्फ पति-पत्नी ही घर में अकेले रह रहे हैं।

डीसीपी क्राइम अरींदर सिंह के कड़े निर्देशों के बाद अब हर थाना क्षेत्र में बीट कांस्टेबल और स्पेशल एजेंट (SA) सीधे वरिष्ठ नागरिकों के घर-घर पहुंचकर उनका हालचाल जान रहे हैं और सुरक्षा का भरोसा जगा रहे हैं। इस जांच के दौरान पुलिस बुजुर्गों का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर, पूर्व पेशा और उनके परिवार की जानकारी दर्ज करने के साथ-साथ घर में आने-जाने वाले घरेलू सहायकों, किराएदारों और बाहरी लोगों का भी पूरा ब्यौरा जुटा रही है।
इसके साथ ही बुजुर्गों को आपातकालीन स्थिति के लिए विशेष पुलिस हेल्पलाइन नंबर भी दिए जा रहे हैं, ताकि वे जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद ले सकें। इस अभियान के तहत पुलिस सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता से लेकर डिलीवरी बॉय और संदिग्ध गतिविधियों तक पर कड़ी निगरानी रख रही है। रिहायशी इलाकों में सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी को परखा जा रहा है, फूड डिलीवरी कर्मचारियों की पहचान की जा रही है और अब तक करीब 600 ऑटो ड्राइवरों का सत्यापन पूरा कर इसे अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा, बुजुर्गों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए सड़कों के किनारे बनी अनधिकृत झुग्गियों में रहने वाले लोगों का भी पुलिस वेरिफिकेशन किया जा रहा है। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड इस मामले में आम जनता की भारी लापरवाही को भी उजागर करते हैं। आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 से 2025 के बीच पांच वर्षों में पंचकुला में केवल 394 घरेलू सहायकों का ही पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया और इस साल जनवरी से जुलाई तक भी मात्र 53 आवेदन आए। इसके विपरीत, किराएदारों के सत्यापन को लेकर लोग अधिक जागरूक दिखे हैं, जिसके लिए पांच सालों में 17,546 आवेदन और इस साल के शुरुआती सात महीनों में ही 2,495 टेनेंट वेरिफिकेशन पुलिस के पास पहुंचे हैं।
TEAM VOICE OF PANIPAT

