Haryana BPL Family: हरियाणा में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवारों के लिए सरकार सरसों तेल वितरण की व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। अगर प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है तो राशन डिपो के जरिए मिलने वाले दो लीटर सरसों तेल के बदले पात्र परिवारों के बैंक खातों में 250 रुपये सीधे भेजे जाएंगे।
इस बदलाव से प्रदेश के करीब 39.89 लाख BPL परिवारों को फायदा मिलने की संभावना है। विभागीय स्तर पर इसे अगस्त से लागू करने की तैयारी की जा रही है और 15 अगस्त के बाद DBT के माध्यम से भुगतान शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
डिपो से तेल की जगह अब मिल सकती है नकद सहायता
वर्तमान व्यवस्था में BPL परिवारों को राशन डिपो के माध्यम से हर महीने दो लीटर सरसों तेल उपलब्ध कराया जाता है। नई व्यवस्था में तेल का वितरण बंद करके उसके बदले सीधे आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव है।
इसका फायदा यह होगा कि लाभार्थियों को डिपो से तेल मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 250 रुपये सीधे बैंक खाते में आने के बाद परिवार अपनी जरूरत के हिसाब से बाजार से सरसों तेल खरीद सकेंगे।
2018 में शुरू हुई थी तेल देने की व्यवस्था
हरियाणा में BPL परिवारों को सरसों तेल उपलब्ध कराने की व्यवस्था वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। उस समय प्रत्येक पात्र परिवार को एक लीटर सरसों तेल दिया जाता था। बाद में इसकी मात्रा बढ़ाकर दो लीटर कर दी गई।
वर्ष 2021 में सरसों तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद सरकार ने तेल के बदले 250 रुपये सीधे बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था शुरू की थी। हालांकि 2022 में एक बार फिर राशन डिपो के माध्यम से सरसों तेल का वितरण शुरू कर दिया गया।
यह व्यवस्था वर्ष 2024 तक जारी रही। अब सरकार एक बार फिर तेल की जगह सीधे नकद सहायता देने के विकल्प पर आगे बढ़ रही है।
तेल की आपूर्ति में दिक्कत बनी बड़ी वजह
सरकार के इस बदलाव के पीछे राशन डिपो पर पर्याप्त मात्रा में सरसों तेल उपलब्ध कराने में आने वाली दिक्कतों को भी एक वजह माना जा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रदेश के करीब 7,411 राशन डिपो पर लगभग 20 लाख लीटर सरसों तेल का स्टॉक उपलब्ध है। इसके बावजूद स्टॉक और नियमित आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए सरकार ने लाभार्थियों को तेल के बजाय DBT के जरिए राशि देने का विकल्प तैयार किया है।
15 अगस्त के बाद शुरू हो सकता है DBT भुगतान
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अगर सरकार की योजना लागू होती है तो अगस्त से राशन डिपो पर सरसों तेल का वितरण बंद किया जा सकता है। इसके बाद पात्र परिवारों को 250 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में DBT के जरिए भेजे जाएंगे।
इससे लाभार्थियों को अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार बाजार से तेल खरीदने की सुविधा मिलेगी। हालांकि अंतिम निर्णय और भुगतान शुरू होने की तारीख सरकार की ओर से औपचारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
करीब 40 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार की इस व्यवस्था का सबसे बड़ा असर प्रदेश के करीब 39.89 लाख BPL परिवारों पर पड़ेगा। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इन परिवारों को राशन डिपो से दो लीटर सरसों तेल लेने के बजाय हर महीने 250 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।

