वॉयस ऑफ पानीपत ( हिमांशी चावला ) – हरियाणा के बिजली कर्मचारियों द्वारा दी गई हड़ताल की चेतावनी और सरकार के साथ चल रही बातचीत पर आधारित है। सरकार ने मंत्री अनिल वीज के ऑफिस में उनसे बात करीब 1 बजे तक शुरु हुई और ऑल इंडिया कॉरपोरेशन ने sc \ st और bc कर्मचारी और डिपलोमा इंजीनियर एसोसिएशन के 10 से अधिक नेता वार्ता में पहुंचे है। खबर के अनुसार, यदि ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ चल रही यूनियन नेताओं की बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचती है, तो कर्मचारी अगले ही दिन से तीन दिनों की देशव्यापी/राज्यव्यापी स्ट्राइक पर चले जाएंगे। इस बड़े विवाद की मुख्य वजह गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली सप्लाई करने के लिए है।

मंत्री के साथ बैठक में जाते हुए नेता
अडाणी समूह की कंपनी ‘अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड’ और ‘इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा समानांतर (Parallel) लाइसेंस के लिए आवेदन करना है। सरकारी बिजली कर्मचारी इसे बिजली विभाग के निजीकरण की शुरुआत मान रहे हैं और इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही, यूनियनें स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोकने, सरकारी बिजली कंपनियों (HPGCL, HVPNL, DISCOMs) को शेयर बाजार में लिस्ट न करने, पुरानी एक्स-ग्रेशिया पॉलिसी में बदलाव करने, खाली पड़े पदों को भरने और ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को खत्म करने की मांगों पर भी अड़ी हुई हैं।
इस संभावित संकट से निपटने के लिए हरियाणा सरकार पूरी तरह अलर्ट पर है। एक तरफ जहाँ ऊर्जा मंत्री अनिल विज सचिवालय में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन सहित कई कर्मचारी संघों के 10 से अधिक बड़े नेताओं को मनाने और गतिरोध सुलझाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने बिजली ठप होने की स्थिति से निपटने के लिए एक मजबूत ‘कंटिंजेंसी बैकअप प्लान’ भी तैयार कर लिया है।
इसके तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने दूसरे राज्यों के बिजली विभागों और डिस्कॉम से संपर्क कर अतिरिक्त तकनीकी स्टाफ (जैसे JE, LM, ALM, और SSA) की व्यवस्था शुरू कर दी है। सरकार की कोशिश है कि यदि बातचीत विफल भी होती है और कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो वैकल्पिक कर्मचारियों की तैनाती कर राज्य में बिजली की सप्लाई लगातार बनी रहे और आम जनता को कोई परेशानी न झेलनी पड़े।
TEAM VOICE OF PANIPAT

