Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिले से निकली एक अनोखी कांवड़ यात्रा इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भगवान शिव के प्रिय वाहन नंदी के साथ निकाली जा रही इस कांवड़ यात्रा को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
सिरसा के कालांवाली मंडी के नौ कांवड़िये गांव के नंदी को साथ लेकर हरिद्वार पहुंचे। वहां उन्होंने नंदी को गंगाजी में स्नान कराया, पूजा-अर्चना की और गंगाजल भरकर उसकी पीठ पर स्थापित किया। अब वे लगभग 400 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रहे हैं। 11 अगस्त को शिवरात्रि के अवसर पर इसी गंगाजल से गांव के मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
यात्रा के दौरान नंदी के साथ एक हुंडई वरना कार भी चल रही है, जिसमें उसके लिए चारा, दाना, आटा, दलिया और अन्य आवश्यक सामान रखा गया है। कांवड़ियों का कहना है कि वे हर साल हरिद्वार से कांवड़ लाते हैं, लेकिन इस बार नंदी को भी इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया।
रोशन लाल ने बताया कि हरिद्वार से अब तक करीब 200 किलोमीटर की यात्रा पूरी हो चुकी है। रात में वे किसी कांवड़ शिविर में रुकते हैं, जहां नंदी को खूंटे से बांधकर उसकी देखभाल की जाती है। शिविर संचालक भी नंदी के भोजन और चारे की व्यवस्था में सहयोग करते हैं।
कांवड़िये सुबह सूर्योदय से पहले यात्रा शुरू करते हैं और दोपहर की तेज गर्मी में विश्राम करते हैं। उनके अनुसार, नंदी का स्वभाव बेहद शांत है और यात्रा के दौरान उसे नियंत्रित करने में कोई कठिनाई नहीं होती।
यात्रा पूरी होने के बाद नंदी को फिर गांव के मंदिर में रखा जाएगा। इस अनूठी नंदी कांवड़ यात्रा को लेकर पूरे गांव में उत्साह का माहौल है और रास्ते भर श्रद्धालु नंदी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

