वॉयस ऑफ पानीपत (श्रद्धा गुप्ता ) – सब्जियां बेची , ई-रिक्शा चलाई और ई रिक्शा बेच नैशनल चैंपियन शिप में हिस्सा लिया फिर अचानक किस्मत चमकी । बिहार से झंडू कुमार जिन्होंने भारत के लिए MEN’S PARA POWERLIFTING में पहला ब्रॉन्स मैडल जीता है । कठिन जीवन के बाद भी झंडू का होसला और जीत दोनों ही आने वाली पीड़ी के लिए मिसाल है । बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया । उन्होंने 190 किलोग्राम की बेस्ट लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए ।

मैन्स पैरा वेट लिफ्टिंग के वीजेता झंडू कुमार
झंडू का जीवन आसान नही था , बिहार के रहने वाले झंडू बचपन से ही पोलियो के शिकार थे और घर की ज़िम्मेदारियों को उठाने के लिए उन्होंने सारे काम किए , कड़ा संघर्ष किया जिसके बाद उनकी प्रतिभा पर पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी औऱ इसके बाद SAI सेंटर में ट्रेनिंग मिली और करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया और नेशनल रिकॉर्ड बनाया, वर्ल्ड कप और एशियन-ओशिनिया चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीता ।
इसी पर भारत के नाम जीत हासिल करने वाले झंडू को प्रधान मंत्री ने अपने TWITTER हैंडल पर बधाई देते हुए लिखा कि ‘झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन । उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का पदकों का खाता खोला । इस उपलब्धि पर उन्हें बहुत-बहुत बधाई ।’उनकी सफलता अद्भुत ताकत, अटूट संकल्प और वर्षों की अनुशासित मेहनत का प्रमाण है । हर चुनौती का सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है ।’
TEAM VOICE OF PANIPAT

