Stubble burning pollution : प्रदूषण के लिए किसानों को जिम्मेवार ठहराने के विरोध में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह आ गए है। पत्रकारों से बातचीत में शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को दोषी ठहराना गलत है और अन्नदाता को खलनायक न बनाया जा और उन्होंने यहां तक कह दिया कि प्रदूषण के नाम पर किसानों पर कार्रवाई गलत है और उनको प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के नाम पर किसानों पर एकतरफा दोषी ठहराने की परिपाटी पर कड़ा एतराज जताते हुए दो टूक कहा कि प्रदूषण के लिए केवल किसानों को खलनायक ठहराना और उन्हें प्रताड़ित करना कतई उचित नहीं है। प्रदूषण के लिए जमीनी हकीकत को तलाशना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अल-नीनो की आशंका, मानसून में 12 फीसदी की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के बीच में केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा का निर्णायक संकल्प लिया है। चौहान ने स्पष्ट कहा कि चाहे मौसम की मार हो या प्राकृतिक आपदा, सरकार किसान भाइयों के साथ हर कदम पर खड़ी है। देश में रबी बुवाई के लिए पर्याप्त खाद, प्रमाणित बीजों और आवश्यक वित्तीय संसाधनों की पूर्ण उपलब्धता का भरोसा दिलाया।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि रबी सीजन की यह तैयारी अचानक नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे एक मजबूत और त्रिस्तरीय प्रशासनिक प्रक्रिया रही है। जिला और राज्य स्तर पर संवाद किया जाता है, चूंकि कृषि मूल रूप से संविधान के तहत राज्यों का विषय है और खेती-किसानी की वास्तविक जमीन राज्यों में ही है, इसलिए पिछले 15 दिनों से राज्य सरकारें निरंतर जिला और राज्य स्तर पर रबी अभियान की तैयारी में जुटी हुई थीं।
राज्य के हिसाब से की गई समीक्षा
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि सम्मेलन के पहले दिन सभी राज्यों के कृषि प्रधान सचिवों, कृषि उत्पादन आयुक्तों (APC) और उनके तकनीकी विशेषज्ञों की पूरी टीम दिल्ली पहुंची। सुबह 10 बजे से लेकर रात 8 बजे तक लगातार 10 घंटे तक केंद्र और राज्यों के बीच खेती के हर पहलू और विभिन्न कृषि योजनाओं की राज्यवार सघन समीक्षा की गई।

