हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलने वाली है। इसके लिए हरियाणा सरकार की तरफ से पूरा प्लान तैयार कर लिया है और इसके लिए बजट भी तैयार कर लिया है। बुधवार को हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में हुई विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति (SHPPC) की बैठक में इसकी तैयारी की है। इसमें स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने, आवश्यक दवाओं व चिकित्सा आपूर्ति को सुगम बनाने तथा मरीज देखभाल सेवाओं में सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण फैसल लिए गए है।
विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति ने सबसे बड़ा फैसला रक्तदान और ट्रांसफ्यूजन सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाने प्रत्येक जिले के अस्पतालों के लिए 4.18 करोड़ रुपये की 9 ब्लड डोनेशन वैन के दो साल के रेट कॉन्ट्रैक्ट पर लेने का फैसला लिया गया है।
जहां पर यह वैन प्रत्येक जिले के अलग-अलग जगहों पर जाकर रक्तदान शिविर आयोजित करेगी ताकि वहां से सुरक्षित रक्त को एकत्रित किया जा सके। इसके अलावा करनाल के सिविल अस्पताल में पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन सेवाओं की दरें भी तय कर दी गई, जिससे मरीजों को सस्ती एवं आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति में फैसला लिया कि दवाओं व टीकों को सुरक्षित भंडारण के लिए ड्रग वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए बिना बाधा के बिजली आपूर्ति हेतु 274 स्टार्टर्स व एक्सटेंशन रैक के लिए लगभग 1.94 करोड़ रुपये व 9 डीजल जनरेटर सेटों (50 KVA) के लिए लगभग 86.23 लाख रुपये के दो वर्षीय अनुबंध पर लेने का फैसला लिया गया।
इसके अलावा अस्पतालों में नेत्र विज्ञान और ईएनटी जांच व सर्जिकल सेवाओं के लिए 6 ऑप्टिकल बायोमीटर, 13 ईएनटी ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और 6 एडवांस्ड फेको इमल्सीफिकेशन मशीनों लेने की मंजूरी दी गई। इसके लिए 12.22 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत पर तय की गईं।
विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति ने तपेदिक (टीबी) जल्द व सही जांच के लिए 6.72 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1,00,000 माइक्रो पीसीआर टीबी टेस्ट किट (ट्रूनेट चिप्स) की मंजूरी दी गई है। जिला अस्पतालों में स्थापित पीएसए (PSA) ऑक्सीजन प्लांट्स के सुचारू संचालन और रखरखाव के लिए 8.55 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया ताकि मेडिकल ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे।
दवाइयों के लिए बजट की दी मंजूरी
विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति की तरफ से प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्रियों उपलब्ध करवाने के लिए बजट की मंजूरी दी गई है। इसमें नियमित नैदानिक, सर्जिकल और मरीज देखभाल सेवाओं के लिए लगभग 132 करोड़ रुपये के मेडिकल कंज्यूमेबल्स, सरकारी आयुष सुविधाओं में इलाज करा रहे मरीजों के लिए लगभग 80 करोड़ रुपये की आयुष दवाएं, तथा रेबीज संक्रमण को रोकने के लिए 12.10 करोड़ रुपये की एंटी-रेबीज वैक्सीन खरीदने की मंजूरी दी गई।
स्कूली बच्चों में एनीमिया रोकथाम कार्यक्रम के तहत वीकली आयरन एंड फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स (WIFS) जूनियर सप्लाई के लिए 3 करोड़ रुपये और गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों में एचआईवी और सिफलिस की शुरुआती जांच के लिए 2.10 करोड़ रुपये के ड्यूल किट्स की दरें तय की गईं।

