September 25, 2026
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Inspirational Story : हरियाणा के टीचरों की अनोखी पहल! एक शिक्षक की परेशानी, 6000 की बन रही जिम्मेदारी

A unique initiative by teachers in Haryana

Inspirational Story Haryana : हरियाणा के शिक्षकों ने अनोखी पहल शुरू की है। शिक्षकों की यह मुहिम दिवंगत शिक्षकों के परिवार के लिए एलआईसी की पॉलिसी बन रही है। जहां पर एक पीड़ित टीचर के परिवार की जिम्मेवारी 6000 शिक्षक उठा रहे है, ताकि परिवार का एक सदस्य जाने के बाद परिवार को आर्थिक तंगी नहीं हो।

हम बात कर रहे है शिक्षकों के संगठन टीचर सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) की। जहां पर शुरुआत में कुछ शिक्षकों की तरफ से इसकी शुरुआत की गई थी, लेकिन अब यह छह हजार शिक्षकों का एक परिवार बन चुका है। इसके के चलते टीएससीटी हरियाणा की तरफ से प्रदेश के पांच दिवंगत शिक्षकों के परिवार को अब तक 56 लाख रुपये की राशि दे चुका है।

मुश्किल वक्त में अक्सर परिवार और रिश्तेदार ही सहारा बनते हैं, लेकिन अगर पूरा शिक्षक समाज किसी परिवार के साथ खड़ा हो जाए तो संकट का बोझ काफी हल्का हो जाता है। इसी सोच को जमीन पर उतारने की पहल कर रहा है टीएससीटी हरियाणा संगठन। गठन के महज एक साल में करीब 6000 सदस्यों को जोड़कर 56 लाख रुपए का आर्थिक सहयोग जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया है।

साथी के जाने के बाद परिवार को महसूस नहीं होने दिया अकेलापन

टीएससीटी हरियाणा की सबसे खास पहल यह है कि शिक्षा विभाग से जुड़े किसी कर्मचारी के असमय निधन के बाद उसके परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है। पिछले एक वर्ष में संगठन ने पांच दिवंगत सदस्यों के परिवारों को आर्थिक सहयोग देकर मुश्किल समय में उनका संबल बनने का प्रयास किया।
यह सहयोग किसी एक व्यक्ति की मदद नहीं, बल्कि सैकड़ों-हजारों कर्मचारियों के छोटे-छोटे योगदान से तैयार होने वाली सामूहिक सहायता व्यवस्था है।

500 से घटाकर 300 रुपए किया सहयोग शेयर

संगठन ने अधिक से अधिक कर्मचारियों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए प्रति सदस्य सहयोग शेयर को 500 रुपए से घटाकर 300 रुपए तक किया है। संगठन का मकसद है कि योगदान की राशि कम हो, लेकिन सहयोग करने वाले हाथों की संख्या अधिक हो। प्रत्येक सहयोग के बाद सहयोग राशि को और भी घटाते हुए न्यूतम स्तर पर लाया जाएगा।

जिला और ब्लॉक स्तर तक पहुंचा संगठन

एक साल में टीएससीटी हरियाणा ने संगठन को जिला और ब्लॉक स्तर तक विस्तार देने पर भी जोर दिया। जींद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और फतेहाबाद में जिला कार्यकारिणियां गठित हो चुकी हैं। वहीं सिरसा, कैथल, कुरुक्षेत्र, झज्जर, रेवाड़ी, नूंह, गुरुग्राम, भिवानी और करनाल में जिला कार्यकारिणी के गठन के लिए आवेदन मांगे जा चुके हैं। इनकी घोषणा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक किए जाने की योजना है। जिन खंडों में 120 से अधिक सदस्य हो चुके हैं, वहां भी खंड कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

जींद जिले से जुड़े हैं 723 कर्मचारी

टीएससीटी के प्रदेश संरक्षक सज्जन राठी ने बताया की जींद जिले से 723 सदस्य जुड़े हैं। जो पूरे हरियाणा में संख्या के हिसाब से तीसरे नंबर है। जिला प्रधान रविंद्र इगराह ने बताया कि इनमें अलेवा से 50, जींद से 173, जुलाना से 143, नरवाना से 83, पिल्लुखेड़ा से 89, सफीदों से 93,उचाना से 98 कर्मचारी शामिल हैं।

प्रदेश संगठन सचिव अजीतपाल आर्य ने बताया की जींद जिले की जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी देवी भी TSCT हरियाणा की रजिस्टर्ड मेंबर हैं और प्रत्येक सहयोग मे शामिल होकर बाकि कर्मचारियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनती हैं।

टीएससीटी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक आर्य और मीडिया प्रभारी डॉ. हरपाल आर्य का कहना है कि संगठन का उद्देश्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत शिक्षक परिवार तैयार करना है जो संकट की घड़ी में अपने किसी सदस्य के परिवार को अकेला न छोड़े।

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