हरियाणा में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए सरकार द्वारा अभियान चलाया हुआ है। जहां पर गांव स्तर पर इसके लिए काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार द्वारा झज्जर जिले के 15 गांवों को बड़ी सौगात दी है।
जहां पर इन गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने करीब 2.44 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं और बूस्टिंग स्टेशनों पर वैक्यूम गैस क्लोरीनेशन सिस्टम उपलब्ध कराने, स्थापित करने और चालू करने का काम होगा। इससे पेयजल को कीटाणुरहित बनाने की प्रक्रिया बेहतर होगी।
इन गांवों के पेयजल व्यवस्था में होगा सुधार
जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी टेंडर के अनुसार गोच्छी, बिसान, भाम्बेवा, चमनपुरा, दीमाना, मदाना खुर्द, शेरिया, ढराणा, मालिकपुर, तलाव, महराणा, धौड और गुढा समेत अन्य गांवों की जलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं। इन स्थानों पर क्लोरीनेशन सिस्टम लगाने के साथ उन्हें चालू किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 2.44 करोड़ रुपये तय की गई है। टेंडर में 4.88 लाख रुपए की बयाना राशि (ईएमडी) और 15 हजार रुपए का दस्तावेज शुल्क तय किया गया है।
पानी की गुणवत्ता सुधारने में मदद
वैक्यूम गैस क्लोरीनेशन सिस्टम के माध्यम से पानी में तय मात्रा में क्लोरीन मिलाई जाती है। इससे हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इससे पेयजल की गुणवत्ता बनी रहती है। जलजनित बीमारियों का खतरा भी कम होता है। इसके लिए सिस्टम का नियमित संचालन जरूरी होगा। पानी की गुणवत्ता की जांच भी जरूरी होगी।
पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग झज्जर के अधीक्षक अभियंता अमित श्योकंद ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और कार्य आवंटित होने के बाद निर्धारित योजनाओं में क्लोरीनेशन सिस्टम लगाने का काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता बेहतर करना और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को मजबूत करना है।

