Haryana News: हरियाणा भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद संगठनात्मक जिम्मेदारियों का बंटवारा कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने तीनों प्रदेश महामंत्रियों को जिलावार दायित्व सौंपे हैं। अब ये महामंत्री अपने-अपने जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय, कार्यकर्ताओं से संवाद और पार्टी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पार्टी की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार, प्रदेश महामंत्रियों को जिलों के साथ-साथ प्रदेश संगठन के कार्यालयों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वेद फुलां को पंचकूला स्थित प्रदेश कार्यालय, सत्य प्रकाश जरावता को रोहतक कार्यालय तथा गोपाल शर्मा को गुरुग्राम कार्यालय की व्यवस्था का दायित्व दिया गया है।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
भाजपा का मानना है कि जिलावार जिम्मेदारियां तय होने से प्रदेश नेतृत्व और जिला इकाइयों के बीच समन्वय और बेहतर होगा। इसके साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में संगठन को अधिक सक्रिय, सशक्त और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नए दायित्व मिलने के बाद तीनों प्रदेश महामंत्रियों की भूमिका संगठन को गति देने में अहम मानी जा रही है।
प्रदेश कार्यालय में होगी जनसुनवाई
भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न पदाधिकारियों की जनसुनवाई ड्यूटी भी तय की गई है।
6 अगस्त: प्रदेश मंत्री रवि बतान
7 अगस्त: प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक गुर्जर
8 अगस्त: प्रदेश मंत्री मीना चौहान
9 अगस्त: प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक दीपक मंगला
10 अगस्त: प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक लतिका शर्मा
11 अगस्त: प्रदेश उपाध्यक्ष जवाहर सैनी
12 अगस्त: प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल
13 अगस्त: प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र बलियाला
14 अगस्त: प्रदेश मंत्री मदन चौहान
15 अगस्त: प्रदेश मंत्री हरविंद्र कोहली
16 अगस्त: प्रदेश मंत्री अमरपाल राणा
17 अगस्त: प्रदेश मंत्री प्रतिभा सुमन
18 अगस्त: प्रदेश उपाध्यक्ष भव्य बिश्नोई
19 अगस्त: प्रदेश मंत्री नागेंद्र शर्मा
20 अगस्त: प्रदेश मंत्री विकास दहिया
पार्टी के अनुसार, आगामी दिनों की ड्यूटी सूची भी क्रमवार जारी की जाएगी। प्रदेश कार्यालय में तैनात पदाधिकारी निर्धारित तिथि पर कार्यकर्ताओं और आमजन की समस्याएं सुनेंगे तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

