साईबर सिटी गुरुग्राम की जनता के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। मॉनसून सीजन के दौरान हर साल सड़कों पर होने वाले जलभराव से निपटने के लिए गुरुग्राम मेट्रो डिवलेपमेंट ऑथोरिटी (GMDA) ने एक नई योजना बनाई है। इसके लिए GMDA सड़क निर्माण कार्य के साथ जल संचयन की व्यवस्था को जोड़ने की तैयारी करेगा। इसके लिए सनाथ रोड के बायो-स्वेल मॉडल को शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की दिशा में काम होगा।
GMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि इस संबंध में इंजिनियरिंग विंग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से नीचे रखने और वर्षा जल को वहां रोककर जमीन में उतारने की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम होना चाहिए।
ऐसे काम करती है तकनीक
बता दें कि शहर के सनाथ रोड पर सड़क के साथ ग्रीन बेल्ट को नीचे रखा गया है। बारिश का पानी पहले इस हिस्से में पहुंचता है और बायो-स्वेल में रुकने के बाद आगे सरफेस ड्रेन में जाता है। इस तकनीक से सड़क पर पानी के सीधे बहाव को रोकने में मदद मिलती है जिससे बारिश का पानी जमीन में पहुंच जाता है। GMDA ने अब इसी तकनीक को शहर के दूसरे हिस्सों में सड़क निर्माण और विकास कार्यों के साथ जोड़ने की योजना बनाई है।
सीईओ पीसी मीणा ने बताया कि पहले किसी बड़ी सड़क के बड़े हिस्से पर इस तकनीक का इस्तेमाल करने की बजाय एक छोटा हिस्सा तैयार कराकर गुणवत्ता, डिजाइन और उपयोगिता की जांच की जाएगी। सकारात्मक परिणाम आने के बाद ही पूरे हिस्से में काम को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, निर्माण और विकास कार्यों में लापरवाही और गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

