पंचायत फंड में गड़बड़ी के लगे थे आरोप
गांव के सेवानिवृत्त अध्यापक लालाराम और ग्रामीण सत्यपाल ने मार्च 2026 में सरपंच के खिलाफ पंचायत महानिदेशक को शिकायत दी थी। शिकायत में सीमेंट खरीद, बिना वाउचर जेसीबी, वाहन और श्रमिकों को भुगतान, बिना बिल की फोटो कॉपी के आधार पर लाखों रुपये का भुगतान, टीडीएस राशि जमा नहीं कराने और गली निर्माण में अतिरिक्त भुगतान समेत कई आरोप लगाए गए थे।
महानिदेशक के निर्देश पर सीईओ जिला परिषद ने जांच कमेटी गठित की। कमेटी ने सरपंच को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया और जांच के दौरान लगाए गए आरोप सही पाए गए।
एक सप्ताह में राशि जमा कराने का दिया था समय
सुनवाई के दौरान सरपंच सुनीता देवी ने रिकॉर्ड दुरुस्त करने और अतिरिक्त रूप से निकाली गई राशि पंचायत फंड में जमा कराने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। जांच कमेटी ने उन्हें राशि पंचायत फंड में जमा कराने और उसकी रसीद बीडीपीओ के माध्यम से कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए।
हालांकि, निर्धारित अवधि में सरपंच ने राशि पंचायत फंड में जमा नहीं कराई। इसके बाद डीसी ने 12 अगस्त को निलंबन आदेश जारी कर दिया।
निलंबन के दौरान नहीं लेंगी पंचायत की बैठकों में हिस्सा
निलंबन आदेश के तहत सरपंच सुनीता देवी को पंचायत के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज पंच को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में वह ग्राम पंचायत की किसी बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
सरपंच इस आदेश को आयुक्त के समक्ष चुनौती दे सकती हैं।

