Lata Mangeshkar Old Hit Song: लता मंगेशकर की आवाज में हिंदी सिनेमा जगत के साथ-साथ दूसरी भाषा की फिल्मों में भी हजारों गीत बने हुए हैं। लता मंगेशकर की आवाज में बने हिंदी गीतों को भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी खूब सुना जाता है। लता दीदी ने लगभग 60 वर्ष पहले हिंदी सिनेमा को ‘महबूब मेरे’ (60’s Hindi Song) टाइटल से ऐसा कालजयी गीत दिया था, जो लोगों के दिलों पर छा गया था।
बताया जाता है कि उस दौर में इस गाने का ऐसा खुमार चढ़ा था कि लोग इस गाने को नींद में भी गुनगुनाने लगे थे। यह सदाबहार हिंदी गाना (evergreen old Hindi song) आज भी लोग खूब सुनते हैं। बॉलीवुड के 6 दशक पुराने इस ब्लॉकबस्टर हिंदी गाने (blockbuster Hindi song) को लता मंगेशकर के साथ मुकेश ने अपनी आवाज दी थी।
6 दशकों से बना हुआ है हिंदी संगीत प्रेमियों का फेवरेट
60 वर्ष पहले 1967 में लता मंगेशकर और मुकेश (Mukesh) की आवाज में ‘महबूब मेरे’ गाने ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया था। इस गाने को सुनने और पसंद करने वालों की संख्या आज भी कम नहीं हुई है। ‘महबूब मेरे’ गाना (Lata Mangeshkar song) पिछले 6 दशकों से हिंदी संगीत प्रेमियों का फेवरेट बना हुआ है।
पिछले 60 वर्षों से लोगों के दिलों पर राज कर रहे इस गाने के दिल को छू लेने वाले बोल मजरूह सुल्तानपुरी द्वारा लिखे गए थे। वहीं लक्ष्मीकांत प्यारेलाल (Lakshmikant Pyarelal) जी द्वारा बनाई गई गाने की प्यारी धुन आज भी लोगों की कानों में गूंज रही है। यह कालजयी गीत जितना पसंद 60 के दशक में किया जाता था, उतना ही पसंद आज भी किया जा रहा है।
“पत्थर के सनम” फिल्म का सबसे बड़ा हिट साबित हुआ था ‘महबूब मेरे’ गाना (old song)
‘महबूब मेरे’ गाने को 60 के दशक में बनी हिंदी फिल्म “पत्थर के सनम” के सबसे बड़े हिट (Old Hit Song) के रूप में देखा जाता है। इस फिल्म में मनोज कुमार, वहीदा रहमान, प्राण और मुमताज (Mumtaj) ने मुख्य किरदार निभाया था। लता मंगेशकर और मुकेश की आवाज में मनोज कुमार और वहीदा रहमान (Manoj Kumar and Wahida Rahman) की अभिनय से सजे कालजयी गाने ‘महबूब मेरे’ की लोकप्रियता के चलते उस दौर में लोग ‘पत्थर के सनम’ (Pathar ke Sanam) फिल्म को देखने के लिए सिनेमा हॉल में लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग जाती थी। 60 और 70 के दशक में रेडियो पर इस गाने ने कई वर्षों तक राज किया था।

