Success Story : सोचिए एक महिला जो समाज की परंपराओं में बंधी हो और शादी के 10 साल बाद जब हार्ट अटैक से पति की मौत हो जाए तो लोग उसे डायन कहने लेंगे। एसी परिस्थिति किसी को भी तोड़ सकती हैं, लेकिन राजस्थान की रोहिणी गुर्जर ने अपने हौसले से सभी के मुंह बंद कर दिए। राजस्थान प्रशासनिक सेवा यानी RAS परीक्षा टॉप करके अपनी नई पहचान बनाई है।
आज आपको बता रहे हैं कहानी राजस्थान की एक ऐसी महिला की जिन्होंने संघर्ष में तप कर खुद को साबित किया है। नाम है रोहिणी गुर्जर। रोहिणी गुर्जर की कहानी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। राजस्थान के अजमेर निवासी रोहिणी आरएएस भर्ती-2024 परीक्षा में राजस्थान अकाउंट्स सर्विस अधिकारी बन कर अपनी योग्याता साबित कर दी।
रोहिणी गुर्जर स्वयं कहती हैं कि जब उनके पति का निधन हुआ तो उनका घर से बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया। क्योंकि लोग उनको डायन कहकर पुकारते थे। ताने मारे जाते थे कि वे अपे पति को खा गई। इस सबसे लड़ते हुए फिर से 15 साल बाद पढ़ाई शुरू कर नए जीवन की शुरूआत की।
परीक्षा से पहले हुई बेटी की मौत
दरअसल रोहिणी गुर्जर की शादी 2011 में हुई थी। इसके करीब डेढ साल बाद ही बेटी को जन्म दिया। करीब 10 साल बाद यानी 2021 में हार्ट अटैक से उनके पति की मौत हो गई। इससे लड़ते हुए रोहिणी ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा के लिए तैयारी शुरू की तो परीक्षा से 22 दिन पहले ही बेटी की मौत हो गई।
इसके बावजूद सितंबर 2026 में हुई परीक्षा में उन्होंने अफसर बन कर स्वयं को साबित किया।
शादी के बाद नहीं हुई पढ़ाई
दरअसल यूं तो रोहिणी अपने गांव घूघरा की पहली स्नातक लड़की थी। लेकिन जब शादी हुई तो पारंपरिक परिवार में आने से पढ़ाई छुट गई। इसके बाद उन्होंने पति की मौत के बाद आरएएस-2024 परीक्षा के लिए विधवा श्रेणी परीक्षा दी तो पूरे राजस्थान में दूसरा रैंक प्राप्त किया। हालांकि इससे पहले वे एक निजी स्कूल में शिक्षक रह चुकी हैं।
पति की मौत के बाद लगा जैस सब कुछ खत्म हो गया
रोहिणी गुर्जर बताती हैं कि पति की मौत के बाद ऐसा लगा कि सब कुछ खत्म हो गया हो। क्योंकि इसके बाद डिप्रेशन चली गई और 6 महीने तक जीवन ऐसे ही चला। लेकिन अपनी बबेटियों को संभालने के लिए हौसला किया और मायका पक्ष से पूरा सहयोग मिला। ऐसे में 2021 के अंतिम दिनों में रोहिणी ने करीब 15 साल बाद दोबारा पढ़ाई शुरू करते हुए तैयारी शुरू की। हालांकि पहली बार दी परीक्षा में 10 नंबर से पिछड़ गई। वहीं 2023 की मेंस परीक्षा पहले उनकी दादी सास चल बसी। एक बार फिर से जीवन मझदार में चला गया।
रोहिणी को इस बार किस्मत का साथ मिला और इस परीक्षा की तारीख बदल दी गई। इसके बाद यह परीक्षा जुलाई 2024 में हुई। ऐसे में तैयारी के लिए समय मिला। लेकिन जीवन में अभी कई अवरोध बाकी थे, क्योंकि अचानक से बड़ी बेटी की 10 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। ऐसे में परीक्षा नहीं देने का फैसला लिया, लेकिन
परिवार के समझाने पर यह परीक्षा दी और इसमें सफलता पाई।

