कई सारे लोगों के लिए गणित बहुत ही बोझिल और अरूचिकर विषय होता है, लेकिन देश चर्चित आईएएस अधिकारी ने ऐसा मॉडल दिया है, जो बच्चों को न सिर्फ गणित के खौफ से बाहर निकालेगा, बल्कि बच्चों को गणित बहुत ही प्रिय भी हो जाएगा। साथ यह मुहिम पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी हो सकता है।
इस आईएएस अधिकारी का नाम है डा. सौम्या झा। डा. सौम्या झा फिलहाल राजस्थान के दौसा में कलेक्टर के पद पर हैं। उन्होंने जो नया मॉडल पेश किया है, उसमें गणित की पढ़ाई एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमता (Artificial Intelligence) के साथ करवाई जाएगी। कुछ समय पहले ही केंद्र सरकार की ओर से इसका शुभारंभ भी किया गया है।
इस मॉडल को नाम दिया गया है पढ़ाई विद एआई। इस पहल का लक्ष्य राजस्थान के साथ-साथ देश भर में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति नया दौर शुरू करना है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस नवाचार को नीति आयोग द्वारा देश भर में लागू करने की योजना बनाई है। हालांकि फिलहाल इस अभियान को देश को 50 चुनिंदा शिक्षा खंडों चलाया जा रहा है।
गणित बन रहा था बच्चों के करियर में बाधा
दरअसल डा. सौम्या झा ने बच्चों के करियर को उनके लक्ष्य की ओर मजबूती से ले जाने के लिए यह नवाचार शुरू किया है। क्योंकि जब उन्होंने स्कूलों का निरीक्षण किया तो पाया कि जो बच्चे 10 कक्षा में डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक जैसे महत्वपूर्ण करियर के लिए सपने देखते थे, गणित उनके रास्ते में बाधा बन रहा था। क्योंकि वे बच्चे 11वीं कक्षा में आने पर गणित से डर जाते हैं। इसके चलते वे आगे चलकर अपनी पढ़ाई का माध्यम आर्ट्स चुन लेते हैं। इस समस्या को मिटाने के लिए डा. सौम्या झा ने यह नई तकनीक अपनाई।
पढ़ाई विद एआई पोर्टल की कार्यप्रणाली
इसके लिए एक पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल की विशेषता यह है कि यह बच्चे के दिमाग को समझता है। इसके बाद बच्चे को पढ़ाई करवाई जाती है। इस पोर्टल में गणित के अध्याय जोड़े गए हैं। यह पोर्टल बच्चों हर बार नए उदाहरण देकर समझता है। यानी हर प्रकार से बच्चे को कांसेप्ट क्लियर कर दिया जाता है।
इसके अलावा हर बच्चे को उसके स्तर के अनुसार बार-बार टेस्ट देने के लिए पेपर भी जनरेट किया जाता है। इसके माध्यम से बार-बार अभ्यास करवाया जाता है। हालांकि पोर्टल पर सिर्फ गणित ही नहीं अन्य विषयों का पाठ्यक्रम भी उपलब्ध करवाया जाता है।

