IAS Success Story: कहते हैं कि सफलता केवल मंजिल तक पहुंचने का नाम नहीं, बल्कि उन संघर्षों की कहानी होती है जो रास्ते में हर कदम पर इंसान का इम्तिहान लेते हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 11 हासिल करने वाली नूपुर गोयल की कहानी इसी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। उन्होंने न सिर्फ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में सफलता हासिल की, बल्कि समाज की उस सोच को भी चुनौती दी, जिसमें लड़कियों की शिक्षा को कम महत्व दिया जाता है।
महिला शिक्षा को लेकर समाज की सोच बदलने का लिया संकल्प
दिल्ली के नरेला क्षेत्र से आने वाली नूपुर गोयल बताती हैं कि उनके इलाके में लंबे समय तक महिला साक्षरता दर अपेक्षाकृत कम रही। लड़कियों की उच्च शिक्षा को लेकर जागरूकता की कमी थी और यह धारणा प्रचलित थी कि बेटियों को अधिक पढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। नूपुर ने इसी सोच को बदलने का संकल्प लिया और सामाजिक बाधाओं को अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया।
UPSC में पांच बार मिली असफलता, फिर भी नहीं मानी हार
नूपुर का यूपीएससी का सफर आसान नहीं था। उन्होंने कुल छह प्रयास किए। पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हुआ। दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा में ही बाहर हो गईं। तीसरे प्रयास में फिर इंटरव्यू तक पहुंचीं, जबकि चौथे और पांचवें प्रयास में भी सफलता हाथ नहीं लगी।
लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनका मानना था कि यह केवल परीक्षा नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास की भी परीक्षा थी। हर असफलता के बाद उन्होंने नई रणनीति के साथ तैयारी जारी रखी और अंततः छठे प्रयास में वर्ष 2019 में AIR-11 हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित हुईं।
शादी के दबाव के बीच परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
नूपुर की सफलता में उनके परिवार की अहम भूमिका रही। ऐसे माहौल में, जहां लड़कियों पर जल्दी शादी का सामाजिक दबाव रहता है, उनके परिवार ने उन्हें पूरी तरह सहयोग दिया। परिवार ने कभी भी समाज के तानों या शादी के दबाव को उनकी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया।
उनके छोटे भाई ने भी तैयारी के दौरान उनका पूरा साथ दिया। पढ़ाई में मदद करने के साथ-साथ कठिन समय में उन्होंने दोस्त और मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। परिवार के इसी सहयोग ने नूपुर को अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहने का अवसर दिया।
इंटेलिजेंस ब्यूरो की नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी
साल 2017 में नूपुर का चयन इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में असिस्टेंट सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (ACIO) के पद पर हुआ। नौकरी मिलने के बाद उनके सामने नई चुनौती थी—काम के साथ यूपीएससी की तैयारी जारी रखना।
उन्होंने समय प्रबंधन और अनुशासन के बल पर दोनों जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया। नौकरी के दौरान मिले प्रशासनिक अनुभव ने उन्हें सरकारी कार्यप्रणाली को समझने में मदद की, जिसका लाभ उन्हें यूपीएससी के पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) में भी मिला।
AIR-11 के बाद बदली समाज की सोच
यूपीएससी 2019 में 11वीं रैंक हासिल करने के बाद नूपुर की सफलता ने उनके समाज में भी बड़ा बदलाव लाया। जिन लोगों ने कभी लड़कियों की शिक्षा पर सवाल उठाए थे, वही अब अपनी बेटियों की पढ़ाई और करियर को लेकर उनसे सलाह लेने पहुंचते हैं।

