Gold Rate : सोना को लेकर US से आई नई रिपोर्ट ने हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में सोना की कीमत में भारी उछाल की संभावना जताई है और सोना एक बार फिर से नई ऊंचाई को छूता हुआ दिखाई देगा। आपको बता दे कि अगस्त माह में सोना के दामों में काफी वृद्धि हुई थी, लेकिन सितंबर माह में सोना की कीमतों पर दबाव बन गया।
दिग्गज अमेरिकी बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस कंपनी जेपी मॉर्गन (JPMorgan) की अब आई रिपोर्ट में कीमतों की वृद्धि को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने इसका सोने का अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 5000 डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई है।
सोने की अब क्या रेट हैं ?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार उतार चढाव जारी है। जहां अगस्त माह में सोने की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला था, लेकिन सितंबर में कीमतों में कमी आई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के अनुसार सितंबर में ग्लोबल गोल्ड प्राइस में 3.9% की कमी आई है।
अगर भारतीय में सोने की कीमत की बात की जाए तो यहां पर 4.6% की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मार्केट में (Comex Gold Rate) करीब 4400 डॉलर प्रति औंस के आसपास चल रहे है। जबकि भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव सोमवार को 5 अक्टूबर की एक्सपायरी वाला सोना 1,53000 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।
Gold 5000 डॉलर तक पहुंचेगा!
अमेरिकी बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस कंपनी जेपी मॉर्गन का कहना है कि सोना 2027 में बड़ा उछाल लेने वाला है। यह उछाल वर्ष 2027 के माध्यम तक मिलने वाला है। मिड टर्म में सोना की कीमतों में और वृद्धि होगी। वर्ष 2026 के अंत तक सोने की कीमत 4,500 डॉलर प्रति औंस रह सकती है, तो वहीं अगले साल के मध्य तक इसका भाव अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में 5,000 डॉलर तक पहुंच जाएगी।
केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद से बढ़ रहा सोना
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बन रहे नए हालात के चलते सोना की कीमतों में उछाल का अनुमान लगाया जा रहा है। इसमें मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना। इसके कारण केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी की जा रही है और दूसरा कारण जियो-पॉलिटिकल शामिल हैं।
आपको बता दे कि इंटरनेशनल मार्केट में Gold के रेट डालर में तय होता है। जैसे ही डालर नीचे आता है तो कई देशों की सोना खरीदने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है। ऐसे में खरीद बढ़ते ही सोना की कीमत लगातार उछाल ले लेती है। इसके अलावा चीन जैसे बड़े केंद्रीय बैंकों की लगातार जारी खरीद भी सोना महंगा कर रही है। युद्ध, प्रतिबंध, ट्रेड चिंता के बीच में सेफ हैवेन माने जाने वाले सोने की डिमांड बढ़ती है और इसका दाम भी उछलता है।
जेपी मॉर्गन के एक्सपर्ट्स ने कहा है कि सेंट्रल बैंकों की ओर से की जा सोने की ताबड़तोड़ खरीदारी, अमेरिका में कमजोर श्रम बाजार के आंकड़ों और करेंसी की नई चिंताओं ने सोने की कीमत को 4,400 डॉलर से ऊपर पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया है।
जबकि दूसरे एक्सपर्ट का मनाना है कि 5000 डॉलर तक कीमत पहुंचने का संघर्ष लंबा है। ये इस बात पर निर्भर करेगा कि डॉलर में उतार-चढ़ाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और निवेश में बदलाव कैसे रहता है। इसके अलावा अमेरिकी सरकार के बढ़ते कर्ज को लेकर चिंताओं से सोने में लॉन्गटर्म निवेश के पक्ष में माहौल बन रहा है।

