Electric Tracto : देश में किसान बिना ट्रैक्टर के खेती नहीं कर सकता है, लेकिन लगातार डीजल के भाव में बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ गई है, लेकिन अब किसानों का ट्रैक्टर पर खर्च होने वाले डीजल का बिजली जीरो होने वाला है, क्योंकि जल्द ही खेतों में इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक बस और स्कूटर की तर्ज पर खेतों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खेतों में दौड़ते हुए नजर आएंगे।
हालांकि किसानों को आशंका है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की पॉवर डीजल के मुकाबले कम होगी और उससे काम नहीं हो पाएगा, लेकिन कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को पहले वाली ट्रैक्टर के हिसाब से ही डिजाइन किया जा रहा है। यह घोषणा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में फिलहाल इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक बस और स्कूटर काफी लोकप्रिय हो चुके हैं और सड़कों पर दौड़ते हुए नजर आ रहे है। उन्होंने कहा कि पहली बार जब मैंने इलेक्ट्रिक बस और कार को हरी झंडी दिखाई तो पत्रकार व अन्य लोगों ने सवाल पूछे थे कि यह डीजल व पेट्रोल की तरह ताकतवर नहीं हो पाएंगे और बीच रास्ते रुक जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है।
अब वह कामयाब हो गया। इसी तर्ज पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को बनाया गया है। मेरे खेतों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर काम करता है। मेरे पास 5 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर हैं, जो बेहतर तरीके से काम कर रहा है। अब ट्रैक्टर पर डीजल का बिल जीरो हो गया है।
चार्जिंग की नहीं परेशान, आठ घंटे तक चलेगा
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की चार्ज की भी समस्या नहीं है। इसकी बैटरी केवल डेढ़ घंटे में रिचार्ज हो जाएगी और एक बार फूल रिचार्ज के बाद 8 घंटे तक खेतों में काम करेगा। इसके लिए किसानों को डीजल पर होने वाला एक रुपये भी नहीं देना पड़ेगा।

