hydrogen train: देश की पहली ट्रेन का विस्तार सोनीपत से दिल्ली तक होने जा रहा है। हालांकि फिलहाल यह ट्रेन हरियाणा के जींद जंक्शन से सोनीपत तक चलती है, लेकिन इसका विस्तार अब दिल्ली तक करने की योजना बनाई जा रही है।
दरअसल इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को जींद जंक्शन से झंडी दिखा कर रवाना किया था। हालांकि शुरूआती दिनों में लोगों में हाइड्रोजन ट्रेन का काफी उत्साह दिखा, लेकिन अब यह ट्रेन यात्रियों की कमी से जूझ रही है। ऐसे में रेलवे ने फैसला लिया है कि हाइड्रोजन ट्रेन को सोनीपत से आगे बढ़ाते हुए दिल्ली तक चलाया जाए। इससे यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
जब रेलवे ने यात्रियों की कमी के कारणों का अध्ययन किया तो सामने आया कि ट्रेन का समय भी सही नहीं है। यह ट्रेन सुबह 7:10 बजे जींद जंक्शन से चलती है और करीब 2 घंटे में सोनीपत पहुंचती है। ऐसे में इस ट्रेन को नए समय पर चलाने के लिए डीआरएम द्वारा अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया। जो प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
अब रेलवे अधिकारियों को इस नए समय को मंजूरी मिलने का इंतजार है। इससे भी ट्रेन में यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही रेलवे हाइड्रोजन ट्रेन का रूट दिल्ली तक करने के लिए भी सर्वे कर रहे हैं। क्योंकि जब ट्रेन का शुभारंभ हुआ, तभी रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने इसको लेकर स्थिति साफ कर दी थी।
1 महीने में महज 2000 यात्री
हालांकि हाइड्रोजन ट्रेन की क्षमता एक बार 2600 यात्रियों की है, लेकिन जींद-सोनीपत के बीच चलने वाली इस ट्रेन को यात्री नहीं मिल रहे हैं। रेलवे के अनुसार 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीए हाइड्रोजन ट्रेन में महज 2 हजार यात्रियों ने ही यात्रा की। इसको लेकर रेलवे अधिकारी चिंतित हैं। ऐसे में दिल्ली मंडल के डीआरएम द्वारा रेलवे अधिकारियों से नए समय का प्रस्ताव मांगा गया है। यह पूरी मशक्कत यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए की जा रही है।
क्यों नहीं मिल रहे यात्री
जींद-सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन से पहले डीएमयू का संचालन होता था। इस ट्रेन में भी हमेशा यात्रियों का टोटा ही रहा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसका मुख्य कारण है इस ट्रेन का किसी अन्य गाड़ी से लिंक नहीं होना। इसके कारण सिर्फ स्थानीय लोग ही इसमें यात्रा कर पाते हैं। इस रूट पर जींद-गोहाना जैसे शहरों से दिल्ली जाने वाले यात्री इस ट्रेन को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। इसका मुख्य कारण है ट्रेन का समय।
स्थानीय यात्रियों के लिए भी समस्या
दरअसल जींद-सोनीपत रेलवे लाइन पर बने ग्रामीण हाल्ट भी यात्री नहीं मिलने का मुख्य कारण माना जा रहा है। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी के अनुसार अधिकतर हाल्ट गांवों की आबादी से दूर हैं। ऐसे में वहां तक जाने से बचने के लिए लोग बस का सफर पसंद करते हैं। कुछ हाल्ट पर तो टिकट की सुविधा तक नहीं है।
समय में बदलाव का प्रस्ताव
जींद-सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन के समय में बदलाव के लिए अधिकारियों ने नया प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत अभी जींद से 7:10 बजे चलने वाली ट्रेन को सुबह 5:45 बजे चलाने का सुझाव दिया गया है। ऐसे में यह ट्रेन 7:30 बजे सोनीपत पहुंच जाएगी। इसके कारण दिल्ली जाने वाले यात्री इसमें बढ़ सकते हैं। क्योंकि सोनीपत से 7:35, 7:50 और 8:10 बजे दिल्ली के लिए ट्रेन जाती हैं।
वापसी में भी मिले ट्रेन
दिल्ली काम धंधे के लिए जाने वाले यात्रियों को वापसी में ट्रेन उपलब्ध करवाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। दरअसल अभी ट्रेन 9:40 बजे सोनीपत पहुंचती है और 10:10 बजे वापस जींद के लिए रवाना होती है। दिन में यह ट्रेन जींद जंक्शन पर खड़ी रहती है। अब नया प्रस्ताव है कि ट्रेन को दिन में सोनीपत में रखा जाए और नौकरी व काम करके वापस आने वाले यात्रियों को यह ट्रेन जींद तक ले जाए। यानी ट्रेन को शाम 5:30 बजे के बाद जींद के लिए रवाना किया जाए।

