वॉयस ऑफ पानीपत (आयुषी त्यागी) – NEET पेपर लीक के बाद लगातार कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जा रहा था, जिस पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही थी। लेकिन 20 जुलाई को युवाओं द्वारा निकाले गए ‘चलो संसद’ मार्च के बाद सरकार ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार पूरे मामले पर अपना बयान दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि NEET पेपर लीक जैसी घटनाएं देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और यह एक “गंभीर पाप” है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रदर्शन करते CJP के अनुयायि
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक रोकना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा चुके हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारियों और कानूनी टीम को निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक मामले के आरोपियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है और युवाओं का विश्वास बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बता दें कि NEET पेपर लीक को लेकर पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र और CJP समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे। 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव भी देखने को मिला, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इसी घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान सामने आया है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

