वॉयस ऑफ पानीपत ( आयुषी त्यागी ) – हरियाणा में यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यमुना एक्शन प्लान की समीक्षा की गई। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हरियाणा सिविल सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राज्य की नदियों, खासकर यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति पर बातचीत हुई। सरकार ने संबंधित विभागों को सभी जरूरी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के लिए जमीन मिलने में देरी के कारण कुछ परियोजनाएं प्रभावित होने की बात सामने आई जिसके बाद जमीन चिन्हित होने के बाद संबंधित विभागों को जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा नियमों का पालन नहीं करने वाले STP और CETP पर लगाए गए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क को संबंधित विभागों के माध्यम से जल्द वसूलकर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा कराने को कहा गया है।
हरियाणा के कई जिलों में लक्ष्य निर्धारित:
• पानीपत: पानीपत में सैनी कॉलोनी के नजदीक पुराने औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले कचरे के निपटान को लेकर काम किया जाएगा। यहां CETP लगाने की संभावनाओं को लेकर अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए करीब दो महीने में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
• सोनीपत: सोनीपत में सीवेज की समस्या को देखते हुए STP की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया है। प्रस्तावित STP की क्षमता अब 30 MLD से बढ़कर 90 MLD होगी। इसके अलावा कुंडली में 7.5 MLD का नया STP लगाया जाएगा। कुंडली-नाथूपुर इलाके में 6 MLD CETP के लिए जमीन की समस्या भी जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
• गुरुग्राम: गुरुग्राम के सेक्टर-18 में 1.5 MLD क्षमता का STP बनाया जाना है। इसके निर्माण से पहले रक्षा मंत्रालय से जरूरी मंजूरी लेने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्लांट में पानी भरने या सीवेज के रिसाव जैसी परेशानी न हो।
• फरीदाबाद: फरीदाबाद के मिर्जापुर में 25 MLD क्षमता वाला CETP तैयार किया जाना है। इसके लिए जमीन की पैमाइश और सीमांकन का काम जल्द पूरा कर कब्जा सौंपने की प्रक्रिया की जाएगी।
• बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ के गणपति धाम इलाके से निकलने वाले सीवेज को STP के अपग्रेड होने के बाद मौजूदा प्लांट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 31 मई 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है।

यमुना के कैचमेंट क्षेत्र में पशु अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 1455 TPD क्षमता के बायो-गैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने पंचायत विभाग, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शहरी स्थानीय निकाय विभाग को मिलकर इन प्लांटों को 31 दिसंबर 2027 तक चालू करवाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी कहा गया कि सभी परियोजनाओं के लिए समय पर बजट और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि यमुना प्रदूषण रोकने के काम में कोई देरी न हो।
TEAM VOICE OF PANIPAT

