वॉयस ऑफ पानीपत (हिमांशी चावला ) – हरियाणा के सिरसा जिले में करीब 16 निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग ने MIS पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इन स्कूलों का MIS पोर्टल ब्लॉक होने के बाद अब वे नए छात्रों का एडमीशन नहीं कर सकेंगे। हालांकि, पहले से पढ़ रहे बच्चों को कोई नुकसान नहीं होगा और स्कूल उन्हें( SLC) स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग के डीईओ सुभाष कुमार फूटेला ने बताया कि इन स्कूलों को कई बार जरूरी दस्तावेज और जानकारी जमा कराने के लिए कहा गया था, लेकिन स्कूल संचालकों ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। इसके बाद विभाग ने कार्यवाही करते हुए इन स्कूलों को MIS पोर्टल पर ब्लॉक कर दिया। अब इन सभी स्कूलों की दोबारा रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

जानकारी देते डीईओ सुभाष कुमार फुटेला
विभाग के अनुसार, स्कूलों को चार प्रमुख कारणों से ब्लैकलिस्ट किया गया है –
- कुछ स्कूलों ने RTE (शिक्षा का अधिकार कानून) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटों की जानकारी पोर्टल पर नहीं दिखाई।
- कुछ स्कूलों की मान्यता नहीं थी।
- कुछ ने 10 साल बाद अपनी मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया।
- कुछ स्कूलों ने अपना नया स्कूल कोड ले लिया, जबकि पुराने कोड के कुछ निजी स्कूलों का कहना है कि शिक्षा विभाग की ब्लैकलिस्ट में गलती हो सकती है।
उनके मुताबिक, विभाग ने कुछ बंद हो चुके स्कूलों या जिनके स्कूल कोड बदल चुके हैं, उनके पुराने कोड का इस्तेमाल किया। इसी वजह से कुछ सही स्कूलों के नाम भी गलती से ब्लैकलिस्ट में शामिल हो गए। आधार पर उनका नाम ब्लैकलिस्ट में शामिल हो गया।
फिलहाल, इन 16 स्कूलों में नए दाखिले पर रोक लगा दी गई है। जब तक स्कूल सभी नियमों का पालन नहीं करेंगे, जरूरी दस्तावेज जमा नहीं करेंगे और विभाग से अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक उनका MIS पोर्टल दोबारा चालू नहीं किया जाएगा।
TEAM VOICE OF PANIPAT

