देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। सरकार द्वारा निर्धारित किए गए नियम एक नवंबर 2026 से लागू हो जाएंगे और वहां पर डीजल से संचालित बसों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लग गया है। इसके लिए हरियाणा, एनसीआर व दूसरे राज्यों को इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए है।
अगर नियमों का पालन नहीं हुआ तो उन बसों का चालान किया जाएगा और उनका लाइसेंस भी रद किया जा सकता है। निर्देशों के अनुसार दिल्ली में केवल CNG, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अथवा BS-VI डीजल चालित बसों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। हालांकि, अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन परमिट के अंतर्गत संचालित बसों तथा विभिन्न सेवाओं के तहत चलने वाली बसों को भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार इसका अनुपालन करना होगा। दिल्ली में पंजीकृत बसों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी।
जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण फरीदाबाद ने बताया कि इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य परिवहन क्षेत्र से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना तथा दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन एवं आधुनिक उत्सर्जन मानकों को सुनिश्चित करना है। निर्देशों के अनुसार दिल्ली में प्रवेश करने वाली बस सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा एवं प्रदूषण नियंत्रण संबंधी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
दिल्ली-NCR के लिए अंतर-शहरी सार्वजनिक परिवहन बस सेवाओं से संबंधित निर्देश संख्या 78 दिनांक 19.10.2023 तथा निर्देश संख्या 81 दिनांक 14.06.2025 प्रभावी रहेंगे। साथ ही, निर्देश संख्या 93 के अनुसार दिल्ली की सीमा पर प्रवेश बिंदुओं पर GNCTD के परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा ANPR, RFID अथवा अन्य उपयुक्त तकनीकी प्रणाली के माध्यम से इन निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण फरीदाबाद ने सभी संबंधित बस संचालकों, टूर ऑपरेटरों, परिवहन यूनियनों, शिक्षण संस्थानों तथा परमिट धारकों से निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है।
एक नवंबर से दिल्ली में प्रवेश करने से पहले रखे यह ध्यान
प्रत्येक दिल्ली जाने वाली बस के पंजीकरण प्रमाण-पत्र, ईंधन के प्रकार तथा उत्सर्जन मानक की समय रहते जांच कर लें।
BS-VI से निम्न डीजल मानक वाली अथवा CNG/EV श्रेणी में नहीं आने वाली बसों को 31 अक्टूबर 2026 के बाद दिल्ली मार्ग पर संचालित न करें।
AITP संविदा वाहन संस्थानों तथा स्कूल बस संचालकों एवं वाहन चालकों को प्रतिबंध संबंधी निर्देशों एवं प्रभावी तिथि से लिखित रूप में अवगत करवाएं।
स्वच्छ ईंधन एवं आधुनिक तकनीक वाली बसों में समयबद्ध परिवर्तन की योजना बनाएं तथा RTA/परिवहन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं परामर्श का पालन सुनिश्चित करें।

