हरियाणा रोडवेज के बेड़े को लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब रोडवेज बेड़े में डीजल से चलने वाली बसों की बजाए अब इलेक्ट्रिक (ई) बसें शामिल की जा रही है। खासकर दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र में इलेक्ट्रिक (ई) बसें को प्राथमिकता दी जा रही है। जल्द ही हरियाणा रोडवेज के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक (ई) बसें शामिल होने वाली है।
इसमें अकेले सोनीपत डिपो को ही दस नई इलेक्ट्रिक (ई) बसें मिलने वाली है। फिलहाल सोनीपत डिपो में 25 इलेक्ट्रिक (ई) बसें चल रही है। रोडवेज विभाग सोनीपत रोडवेज बड़े में 50 बस शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रिक (ई) बसें में यात्रियों की बेहतर सुविधा मिलेगी। जहां पर गर्मी के मौसम में वातानुकूलित (एसी) सफर कर सकेंगे।
इसके अलावा बस में मोबाइल चार्जिंग की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। हालांकि रोडवेज विभाग ने फैसला लिया है कि इलेक्ट्रिक (ई) बसें में सामान्य बसों की बजाए अधिक किराया लिया जाएगा। इसके पीछे मुख्य कारण इलेक्ट्रिक (ई) बसें को चलाने में रोडवेज को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है और सामान्य बसों के मुकाबले ज्यादा सुविधा भी दी जा रही है। वर्तमान में डिपो के बेड़े में 15 ई- बसें शामिल हैं, जिन्हें पांच प्रमुख रूटों पर चलाया जा रहा है।
यहां पर बनाया जाएगा मुख्य चार्जिंग स्टेशन
सोनीपत रोडवेज बड़े में इलेक्ट्रिक (ई) बसें शामिल करने के बाद उसको चार्जिंग करने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए रोडवेज विभाग द्वारा नए चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा रहे है। पांच ई-बसों के संचालन के लिए मुरथल स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर तीन चार्जिंग प्वाइंट तैयार किए गए है, लेकिन बाद में दस नई इलेक्ट्रिक (ई) बसें आने के बाद इसका लोड बढ़ गया है।
ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने से मुरथल में सिर्फ एक प्वाइंट ही चल पा रहा था, जिससे बसों को दिल्ली व पानीपत में चार्ज करना पड़ता था। मुरथल में 12 किलोवाट के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन अब उसे बीच में ही रोक दिया गया है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद अब फोकस सीधे जाट जोशी में निर्माणाधीन नए बस अड्डे पर कर दिया गया है।
सोनीपत डिपो के एसएस सुरेंद्र दुग्गल ने बताया कि जल्द ही रोडवेज बेड़े में दस इलेक्ट्रिक (ई) बसें शामिल होने वाली है। फिलहाल डिपो द्वारा 15 ई-बसे सुचारू रूप से चल रही है। अक्टूबर में 10 नई बसें आने की उम्मीद है। संचालन और चार्जिंग में कोई बाधा न आए, इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।

