हरियाणा में कच्चे कर्मचारी पक्का करने के लिए लंबे समय से आंदोलनरत है और सरकार की तरफ से पक्का करने की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है। हाल में ही सरकार द्वारा प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में तैनात 12 हजार गेस्ट टीचरों को नियमित करने के लिए केस मांगे जा रहे है।
अब पिछले दिनों लंबे समय तक हड़ताल पर रहे सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। प्रदेश में नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगरपालिकाओं में सफाई तथा सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती के मानदंड और चयन प्रक्रिया तय करने के लिए कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी को दस अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। आपकों बता दे कि हरियाणा के सभी पालिका, नगर पालिका, नगर निगम व ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 25000 सफाई कर्मचारी तैनात हैं।
यह कमेटी स्थानीय निकास विभाग की तरफ से गठित की गई है और इसमें स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन निदेशक शाश्वत सांगवान को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त निदेशक वीरेंद्र चौधरी को सदस्य तथा अधीक्षक (स्थापना) दिनेश कुमार शर्मा को सदस्य सचिव बनाया गया है।
कमेटी में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के एक प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में शामिल करने का भी प्रावधान है। संघ ने इसके लिए राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री को नामित किया है। आपको बता दे कि पिछले दिनों 37 दिनों तक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे थे। इसमें प्रदेश की सभी पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों के सफाई कर्मचारियों ने भाग लिया था।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ सेवारत कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स को भी मिलेगा। स्वीकार की गई अन्य मांगों के लागू होने से ग्रुप सी एवं ग्रुप-डी कर्मचारियों को भी आर्थिक राहत और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के आदेशों के बावजूद ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।
निर्धारित समय में काम पूरा करने की मांग
कर्मचारी नेता नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि नियमित भर्ती के लिए गठित की गई निर्धारित समय में अपना कार्य पूरा करने की मांग की। उन्होंने सरकार से अग्निशमन कर्मचारियों की स्वीकार की गई मांगों के पत्र भी जल्द जारी करने की अपील की। अग्निशमन विभाग के महानिदेशक की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई में शिथिलता और देरी से कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। समझौते को लागू करने में टालमटोल जारी रही तो संघ आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होगा।

