हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने नया टैक्स मॉडल प्रस्तुत किया है। इस टैक्स मॉडल के हिसाब से हरियाणा में टैक्स की दरें बढ़ने वाली नहीं है, लेकिन राजस्व को बढ़ाने का पूरा प्लान है। इसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि टैक्स बढ़ाने की बजाए टैक्स वसूल करने के आधार को मजबूत किया जा रहा है। इसको आनलाइन सिस्टम व एआई का सहारा लिया जाएगा। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि ईमानदार करदाता पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना राज्य की वित्तीय क्षमता को बढ़ाया जाए।
सीएम नायब सैनी बुधवार को विकसित हरियाणा 2047 के लिए ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सीएम नायब सैनी ने घोषणा की कि मजबूत राजस्व व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य केवल अधिक राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि उससे बेहतर सड़कें, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध करवाकर आमजन के जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि करदाता को नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिले तथा कर अनुपालन उसके लिए सरल और पारदर्शी हो, यह सरकार की प्राथमिकता है।
हरियाणा के एसजीएसटी संग्रह में 29 प्रतिशत की वृद्धि
सीएम नायब सैनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों, अप्रैल से अगस्त तक, हरियाणा का राज्य वस्तु एवं सेवा कर यानी एसजीएसटी संग्रह 29 प्रतिशत बढ़ गया और अब तक 24,662 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संग्रह 19,174 करोड़ रुपये था।
अगस्त 2026 में भी हरियाणा के एसजीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 13 प्रतिशत रही।कुल जीएसटी करदाताओं में हरियाणा की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से कम है, लेकिन देश के कुल जीएसटी संग्रह में राज्य का योगदान लगभग 7.7 प्रतिशत है। अब आवश्यकता इस वृद्धि को स्थायी राजस्व क्षमता में बदलने की है।

