Lata Mangeshkar Old Hit Song: भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने हिंदी सिनेमा को 60, 70 और 80 के दशक में कई ऐसे सदाबहार गाने (60’s 70’s 80’s evergreen Hindi song) दिए हैं, जिन्हें आज भी पूरी दुनिया में सुना जाता है। लता दीदी बेशक आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी सुरीली आवाज के माध्यम से लोग आज भी उनको अपने पास होने का एहसास करते हैं। लता मंगेशकर की आवाज में 1972 में आए सुपरहिट हिंदी गाने (Lata Mangeshkar superhit song) ‘दुनिया का मेला मेले में लड़की’ को शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने नहीं सुना होगा। 70 के दशक में ही नहीं बल्कि आज के दौर में भी इस गाने (70’s hit song) को सुनने और पसंद करने वालों की संख्या कम नहीं हुई है। पुराने संगीत को पसंद करने वाले बुजुर्गों से बातचीत के दौरान पता चला कि उसे दौर में ‘दुनिया का मेला मेले में लड़की’ गाना पूरी दुनिया में जहां भी मेला लगता था वहां सुनाई देता था।
रेडियो पर ‘दुनिया का मेला मेले में लड़की’ गाने की फरमाइश की रहती थी भरमार
लता मंगेशकर की आवाज में बनी ‘दुनिया का मेला मेले में लड़की’ गाने (superhit old song) की रेडियो परफॉर्मेंस करने वाले संगीत प्रेमियों की 70 और 80 के दशक में भरमार रहती थी। उस दौर में यह कालजयी गीत टेप रिकॉर्ड पर हर गली मोहल्ले में बजता हुआ सुनाई देता था। आज के दौर में भी यह गाना ट्रैकों में खूब बजाता है। लता मंगेशकर के इस सदाबहार गाने (Lata Mangeshkar evergreen song) और संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने दिया था। लक्ष्मीकांत जी द्वारा तैयार की गई ‘दुनिया का मेला मेले में लड़की’ गाने के प्यारी धुन आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। यही कारण है कि 21वीं सदी में भी इस गाने को यूट्यूब और इंटरनेट पर बार-बार सर्च किया जा रहा है।
55 पर वर्ष पहले लता मंगेशकर की आवाज में बना था यह कालजयी गीत
लता मंगेशकर की आवाज में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी की मधुर संगीत से सजी इस कालजयी गाने को 55 वर्ष पहले 1972 में ‘राजा जानी’ फिल्म के लिए बनाया गया था। ‘राजा जानी’ फिल्म में धर्मेंद्र (Dharmendra) और हेमा मालिनी ने मुख्य किरदार निभाया था। ‘दुनिया का मेला मेले में लड़की’ गाने में हेमा मालिनी (Hema Malini) की खूबसूरती और गजब डांस के लोग आज भी कायल हैं।
इस गाने (old song) में लता मंगेशकर का साथ किशोर कुमार ने दिया है। वहीं गाने के कभी ना पुराने होने वाले बोल आनंद बख़्शी जी ने लिखे हैं। 21वीं सदी में इंटरनेट के इस दौर में भी यह गाना देश के विभिन्न राज्यों में लगने वाले मेलों में खूब सुनाई देता है।

