Gobar-Dhan Scheme : केंद्र की मोदी सरकार द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पशुपालन करने वाले लोगों को प्रोत्साहन के लिए नई योजना लागू की है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा दस साल का एग्रीमेंट किया जाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए 23,731 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
केंद्र सरकार ने ‘गोबर-धन योजना लागू कर दी है। इसमें कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) बनाने वालों को बिक्री योग्य गैस का 100% तक निश्चित रूप से खरीदने की गारंटी, कम से कम 10 साल तक तय कीमत और कैपिटल सपोर्ट दिया जाएगा। इसमें मवेशियों के गोबर, खेती से बचे कचरे, खाने की बर्बादी और दूसरे ऑर्गेनिक कचरे से बायोगैस व ऑर्गेनिक खाद बनाई जाती है।
इस योजना के तहत लगने वाले बायोगैस प्लांट के लिए गोबर, खेती से बचे हुए कचरे पाराली की खरीद करेंगे। ऐसे में जहां पर किसानों के लिए परेशानी बनने वाली पराली के साथ गोबर की कीमत भी मिलने वाली है। सरकार का मनाना है कि इस योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं पशुपालक व किसानों की आय भी बढ़ेगी।
सरकार की इस योजना को देश के प्रत्येक जिले के हिसाब से चलाई जाएगी, ताकि किसान इसका सीधा लाभ उठा सकते हैं। इससे तैयार हुई नेचुरल गैस में मिलाकर ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा। कंपनियों को सीएनजी-पीएनजी की कुल आपूर्ति में निर्धारित अनुपात में सीबीजी मिलाना होगा। केंद्र सरकार की इस योजना का समय रहते हुए लोग उठा सकते है।
हालांकि इसी तरह के प्लांट रिलायंस कंपनी की द्वारा देश के अलग-अलग जिलों में लगाए हैं, लेकिन अब छोटे उद्यमियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना से जहां शहरी क्षेत्र में परेशानी बने गोबर से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की पराली का भी समाधान हो सकेगा।

