Milk price hike : हरियाणा में दूध के रेट बढ़ाने की मुहिम थमने का नाम नहीं ले रही है। जहां पहले गांव स्तर पर पंचायत करके भैंस का दूध 100 रुपये लीटर व गाय का दूध 80 रुपये लीटर करने का फैसला लिया जा चुका है, लेकिन यह फैसला अब तक कामयाब नहीं हो पाया था। लेकिन इसी बीच में सिरसा के गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में हुई किसानों की पंचायत ने बड़ा फैसला ले लिया।
जहां पर दूध उत्पादक किसानों ने फैसला लिया कि वह तीन दिन तक दूध की खरीद व बिक्री पर रोक रखेंगे। इस दौरान न तो किसी प्लांट को दूध देंगे और न ही गांव से शहरों में दूध की सप्लाई करने वाले दूधिया को दूध देंगे। अगर कोई दूध उत्पादक पंचायत के इस फैसले के खिलाफ दूध बेचता हुआ मिला तो उसके ऊपर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
पंचायत ने फैसला लिया कि यह फैसला 1 अक्टूबर से शुरु होगा और 3 तीन अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान किसान अपने पशुओं का दूध नहीं बचे पाएंगे और न ही शहरों में दूध की सप्लाई की जाएगी। ऐसे में शहरों में दूध का संकट खड़ा हो सकता है। सिरसा से शुरू हुए इस अभियान से धीरे धीरे दूसरे जिलों के दूध उत्पादक भी समर्थन कर रहे है।
हालांकि दूध उत्पादकों का यह निर्णय दूध के रेट बढ़ाने के लिए लिया गया है, लेकिन दूध उत्पादकों का कहना है कि यह अभियान उन्होंने नकली दूध, घी, खोया, पनीर और अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ हरियाणा में अभियान चलाने के लिए किया गया है।
दूध उत्पादकों के साथ मजदूरों, दूधियों ने लिया भाग
सिरसा में हुई जिला स्तरीय पंचायत में किसानों, पशुपालकों, मजदूरों, दूधियों और दूध कारोबार से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इसमें 1 से 3 अक्टूबर तक दूध की खरीद-बिक्री और सप्लाई बंद रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में वीटा, वेरका, सरस, अमूल सहित अन्य दूध कंपनियों से भी इन तीन दिनों के दौरान गांवों और शहरों में दूध की गाड़ियां नहीं भेजने की अपील की गई।
किसानों, पशुपालकों, मजदूरों और दूधियों से भी 1 से 3 अक्टूबर तक दूध न खरीदने और न बेचने का आग्रह किया गया। दूध बेचते पाए जाने वाले व्यक्ति पर 51 हजार रुपए का सामुदायिक जुर्माना लगाया जाएगा। दूध ढोने में इस्तेमाल होने वाले साधन को जब्त करने का निर्णय लिया है।
दूध की बिक्री रोकने के लिए 13 सदस्यीय कमेटी गठित
सिरसा के गुरुद्वारे में हुई जिला स्तरीय पंचायत में कमेटी का भी गठन किया गया। यह कमेटी गांव स्तर पर जाकर इन तीन दिन तक दूध की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया है। 13 सदस्यीय सिरसा जिला कमेटी गठित में जसबीर सिंह भाटी, मैक्स साहुवाला, भूपिंदर सिंह नंबरदार, उदय प्रताप सिंह गिल, गुरी सेखों, सोम चंद सरपंच, आकाश कंबोज, अर्जन कंबोज, गोरा बराड़, बलजिंदर सूच और कुलविंदर सिंह को शामिल किया गया।
नकली के खिलाफ जंग, असली को प्रमोट
पंचायत में कहा कि अभियान का उद्देश्य पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य दिलाना, उपभोक्ताओं तक शुद्ध दुग्ध उत्पाद पहुंचाना और मिलावट के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने ‘नकली के खिलाफ जंग, असली को प्रमोट’ अभियान को पूरे हरियाणा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मैक्स साहुवाला ने कहा कि नकली दूध, घी, खोया और पनीर की मिलावट पर रोक लगना जरूरी है। पशुपालकों को उचित दाम और उपभोक्ताओं को शुद्ध दुग्ध उत्पाद मिलें, इसके लिए अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

