Namo Bharat Corridor: हरियाणा प्रदेश के पानीपत और करनाल जिले की ट्रेन यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। रेलवे विभाग द्वारा करनाल-पानीपत और दिल्ली के बीच बनने जा रहे नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण हेतु धरातल पर काम शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार रेलवे विभाग रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के फेज-1 के तहत दिल्ली-पानीपत और करनाल के बीच बनने जा रहे नमो भारत कॉरिडोर’ (namo Bharat corridor) के निर्माण को लेकर धरातल पर काम तेज हो गया है। इस कॉरिडोर के निर्माण से हरियाणा प्रदेश के कई जिलों के ट्रेन यात्रियों को लाभ मिलेगा।
2021 तक होगा निर्माण कार्य पूर्ण
दिल्ली, पानीपत और करनाल के बीच बनने जा रहे नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण कार्य वर्ष 2031 तक पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए अब पानीपत जिले में मिट्टी की सैंपलिंग का कार्य किया जा रहा है। मिट्टी की सैंपलिंग का कार्य ग्रामीण क्षेत्र से अब शहरी एरिया में आ चुका है।
बता दें कि नमो भारत कॉरिडोर (namo Bharat corridor) के तहत शहरी एरिया में अंडरग्राउंड ट्रेन जाएगी। इस कॉरिडोर के निर्माण हेतु शुक्रवार को पानीपत शहर में गोहाना रोड पर मिट्टी के सैंपल लेने के लिए मशीनें लगाई गई। बता दें कि CEB टेस्ट हाउस कंपनी जिले की 250 से ज्यादा जगहों पर बोरिंग कर मिट्टी की क्षमता जांच रही है। अभी तक इसमें करीबन 170 सैंपल लिए जा चुके हैं।
शहरी एरिया में लिया जाएगा हर 50 मीटर की दूरी पर मिट्टी का सैंपल
नमो भारत कॉरिडोर के तहत शहरी एरिया में हर 50 मीटर पर मिट्टी का सैंपल लिया जाएगा। इस दौरान कॉरिडोर के निर्माण से पहले जांच प्रक्रिया के तहत 80 से 85 प्वाइंट की टेस्टिंग की जाएगी। सूत्रों से मेरी जानकारी के अनुसार अगले 15 से 20 दिनों में टेस्टिंग का कार्य पूरा किया जाएगा। रेलवे विभाग के अधिकारियों के अनुसार मिट्टी के सैंपल की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण हेतु आगे का कार्य शुरू किया जाएगा।
जयपुर और दिल्ली भेजे जाएंगे मिट्टी के सैंपल
हरियाणा प्रदेश के पानीपत जिले में नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण हेतु पहुंचे साइट इंचार्ज लखविंदर यादव ने बताया कि हर चिन्हित साइट पर 50 मीटर गहराई तक खुदाई कर प्रत्येक 1.5 मीटर पर 50 से 100 ग्राम मिट्टी का सैंपल लिया जा रहा है।
इस हिसाब से एक ही जगह से 33 से 34 सैंपल एकत्र हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पानीपत जिले की 250 साइट्स से लगभग 8,500 मिट्टी के सैंपल जुटाकर टेस्टिंग के लिए जयपुर व दिल्ली लैब भेजे जाएंगे। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

