Success Story DSP mahak sharma :हरियाणा के पानीपत में छोटे से गांव से निकलकर DSP कि कुर्सी तक पहुंचना आसान नहीं होता है। लेकिन हरियाणा कि इस बेटी कि कहानी सुन आपको भी प्रेणना मिलने वाली है। जो एक किसान परिवार से तालुक्क रखती है। और छोटे गांव से निकलकर एक बड़ा मुकाम हाशिल किया है। उनका यहां तक पहुंचने का सफर भी आसान नहीं था तो चलिए जानते है पानीपत कि इस महिला अटूट संघर्ष कि सफलता कि कहानी।
पानीपत के छोटे से गांव में बसेरा

अधिक जानकारी के लिए बता डीएसपी महक शर्मा हरियाणा कि रहने वाली है और उनका घर पानीपत जिले के उरलाना कलां गांव रहने वाली है। जहाँ वो मुलभुत सुविधाएँ तक नहीं है जो आपके शहरों में मिलती है।
गांव से की स्कूली शिक्षा ग्रहण

आज के समय में बच्चे अपने गांव के स्कुल को छोड़ छोड़ बड़े शहरों की और दौड लगा रहे है वहीँ महक शर्मा ने स्कूलिंग गांव के ही एक सरकारी स्कूल से की है. वहीं से उनकी पढ़ाई की नींव मजबूत हुई.
स्कूलिंग के बाद महक ने आर्य आदर्श कॉलेज से BSc की डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने दयाल सिंह कॉलेज से MSc की पढ़ाई पूरी की.
किसान परिवार से है ताल्लुक
बता दे की DSP महक किसी बड़े परिवार से नहीं आती है। जहां उन्हें बड़े लेवल की सुविधा मिलती हो। उनके पिता पेशे से किसान हैं और उनकी मां घर संभालती हैं. उनके परिवार में दो भाई भी हैं, लेकिन ख़ास बात यह है की उनके यहां तक पहुंचने में उनके परिवार का बड़ा योगदान था।
सेल्फ स्टडी के दम पर रचा इतिहास

बता दे की इतने बड़े मुकाम के लिए उन्होंने किसी बड़े कोचिंग सेंटर से तैयारी नहीं की है। मिडिया को दी जानकारी के अनुसार यूपी पीसीएस की तैयारी घर पर रहकर ही की. उन्होंने यह मुकाम सेल्प स्टडी के दम पर हाशिल कर यह इतिहास रचा है।
चौथे प्रयास में मिली सफलता
अक्सर देखा जाता है की लोग एक दो प्रयास में असफल होने के बाद हार मान लेते है। लेकिन महक शर्मा के केस में ये बिलकुल उलटा था महक को शुरुआत के तीन प्रयासों में असफलता होने पर भी हार नहीं मानी और फिर जीतोड़ म्हणत करती रही। आखिरकार चौथे प्रयास में गांव की बेटी ने इतिहास रच दिया वो रैंक 10 हासिल करके डीएसपी बन गईं.

