पंजाब और हरियाणा के बीच प्रस्तावित जीरकपुर- पंचकूला सिक्स लेन बाईपास निर्माण से जुड़ी एक नई अपडेट सामने आई है। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में लोक निर्माण विभाग मंत्री रणबीर गंगवा ने जानकारी दी है कि 1,878.31 करोड़ रुपये की इस परियोजना के निर्माण कार्य के चलते दोनों राज्यों में कुल 4,106 पेड़ प्रभावित होंगे।
यह रहेगा रूट
इसके अलावा पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित गोल्फ कोर्स का एक हिस्सा भी परियोजना के स्वीकृत एलाइनमेंट में है।नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकार क्षेत्र में आने वाला 19.2 किलोमीटर लंबा यह बाईपास जीरकपुर-पटियाला !(NH-7) के बीर छत लाइट प्वाइंट के पास जंक्शन से शुरू होकर जीरकपुर- परवाणू (NH-5) के पुराने पंचकूला के पास जंक्शन पर समाप्त होगा।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 9 अप्रैल 2025 को हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत सिक्स लेन जीरकपुर- पंचकूला बाईपास निर्माण परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसका उद्देश्य पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत परिवहन ढांचे का विकास करना है।कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि इस बाईपास के निर्माण से जीरकपुर, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों से ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
वहीं, पटियाला, दिल्ली और मोहाली एयरोसिटी से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग की सुविधा मिलेगी और हिमाचल प्रदेश के लिए सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाएगी। इस बाईपास के बनने से NH-7, NH-5 और NH-152 के भीड़-भाड़ वाले शहरी हिस्सों में कम समय में दूरी तय करने और ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़-पंचकूला-मोहाली शहरी क्षेत्र में केंद्र सरकार सड़क नेटवर्क विकसित कर रही है और यह बाईपास इस दिशा में रिंग रोड का काम करेगा।
हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामला
कांग्रेस विधायक ने पूछा कि क्या पंचकूला गोल्फ कोर्स से बाईपास का एलाइनमेंट 30 मीटर दूर खिसकाने से करीब 1 हजार पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है। इसके जवाब में गंगवा ने बताया कि NHAI, चंडीगढ़ के परियोजना निदेशक ने सूचित किया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस संबंध में जनहित याचिका दायर की गई है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के 15 जुलाई, 2026 के आदेश के अनुपालन में NHAI फिलहाल एलाइनमेंट में बदलाव की व्यवहार्यता की जांच कर रहा है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

