चंडीगढ़: हरियाणा में जमीन की खरीद-बिक्री और मकानों के हस्तांतरण को लेकर सरकार ने दो अहम फैसले किए हैं। अब जमीन की रजिस्ट्री के दौरान खरीदार, विक्रेता और गवाह की पहचान के लिए आधार प्रमाणीकरण कराया जा सकेगा, लेकिन यह अनिवार्य नहीं होगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के मकानों के हस्तांतरण विलेख पर स्टांप शुल्क घटाकर 500 रुपये प्रति विलेख कर दिया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दोनों फैसलों को लेकर अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।
आधार वेरिफिकेशन के लिए सहमति जरूरी
सरकार के फैसले के अनुसार जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान पहचान स्थापित करने के लिए ‘हां/नहीं प्रमाणीकरण’ या ई-केवाईसी प्रमाणीकरण का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगी। आधार प्रमाणीकरण के लिए संबंधित आधार संख्या धारक की सहमति लेना जरूरी होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति आधार प्रमाणीकरण कराने से इनकार करता है या किसी कारण से यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाता, तो उसे किसी सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में पहचान के लिए वैकल्पिक और व्यावहारिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाएगा।
पासपोर्ट और PPP भी होंगे वैकल्पिक पहचान दस्तावेज
अधिसूचना में भारतीय पासपोर्ट, OCI कार्ड और परिवार पहचान पत्र (PPP) को वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों के तौर पर शामिल किया गया है। यानी रजिस्ट्री के दौरान आधार प्रमाणीकरण नहीं कराने की स्थिति में उपलब्ध वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए पहचान स्थापित की जा सकेगी।
PMAY-U 2.0 के मकानों पर घटा स्टांप शुल्क
हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लाभार्थियों को भी राहत दी है। योजना के तहत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के मकानों के हस्तांतरण विलेख पर स्टांप शुल्क अब 500 रुपये प्रति विलेख निर्धारित किया गया है। यह फैसला 10 अगस्त को जारी आदेश के तहत भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की धारा 9 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया गया है।
60 वर्ग मीटर के मकान को नहीं मिलेगा स्किम का लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 500 रुपये की स्टांप ड्यूटी की सुविधा 60 वर्ग मीटर तक के सभी मकानों पर लागू नहीं होगी। इसका लाभ केवल PMAY-U 2.0 के तहत पंजीकृत मकानों के हस्तांतरण पर मिलेगा। इसके लिए हस्तांतरिती को सर्वजन आवास विभाग (DHFA) या सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इस प्रमाणपत्र में यह पुष्टि होनी चाहिए कि संबंधित व्यक्ति PMAY-U 2.0 का पंजीकृत लाभार्थी है। सरकार के इन दोनों फैसलों से एक तरफ जमीन की रजिस्ट्री में पहचान प्रक्रिया को आसान और लचीला बनाने की कोशिश की गई है, वहीं PMAY-U 2.0 के पात्र लाभार्थियों को मकान के हस्तांतरण के दौरान स्टांप शुल्क में राहत मिलेगी।

