कपल केस में 10 अंकों को लेकर विवाद
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्रांसफर पॉलिसी के तहत केवल हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में कार्यरत पति-पत्नी को कपल केस के लिए 10 अंक दिए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता ने इस प्रावधान को संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ बताया है।
पंजाब और यूपी में कार्यरत Spouse को लाभ नहीं
याचिका में यह भी आपत्ति जताई गई है कि यदि किसी कर्मचारी का पति या पत्नी पंजाब या उत्तर प्रदेश जैसे दूसरे राज्य में नौकरी करता है, तो उसे कपल केस के 10 अंकों का लाभ नहीं मिलता। याचिकाकर्ता ने इस व्यवस्था को भेदभावपूर्ण बताते हुए अदालत के समक्ष चुनौती दी है।
प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले दंपतियों का मुद्दा
इसके अलावा निजी क्षेत्र में काम करने वाले पति या पत्नी को कपल केस के अंक नहीं दिए जाने के प्रावधान पर भी सवाल उठाया गया है। याचिका में इस व्यवस्था को समानता के अधिकार के विपरीत बताते हुए राहत की मांग की गई है।
19 अगस्त को अगली सुनवाई
मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। अब सरकार की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को निर्धारित है। सरकार के जवाब और अदालत की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि हाईकोर्ट इन प्रावधानों को लेकर क्या रुख अपनाता है।

