Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। अब एक्सप्रेसवे पर अचानक लेन बदलना महंगा पड़ सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करते हुए 1 अगस्त से लेन बदलने के नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान शुरू कर दिए हैं।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले पांच दिनों में करीब 500 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों और अपडेट किए गए सॉफ्टवेयर की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान की जा रही है।
पूरे एक्सप्रेसवे पर कैमरों से निगरानी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का पूरा हिस्सा कैमरों की निगरानी में है। एक्सप्रेसवे पर लगभग हर दो किलोमीटर की दूरी पर कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी रेंज करीब 500 मीटर आगे और 500 मीटर पीछे तक है।
अब केवल अचानक लेन बदलने पर ही नहीं, बल्कि गलत दिशा में वाहन चलाने, तय स्थान के अलावा सड़क पर वाहन खड़ा करने, अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भी चालान किया जाएगा।
हादसों को रोकने के लिए उठाया गया कदम
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग लेन के लिए अलग-अलग गति सीमा तय की गई है।
तीसरी और चौथी लेन पर अधिकतम 120 किमी/घंटा, दूसरी लेन पर अधिकतम 100 किमी/घंटा, पहली लेन पर अधिकतम 80 किमी/घंटा स्पीड तय की गई है।
NHAI के अनुसार, जांच में सामने आया कि कई हादसों की बड़ी वजह तेज गति से चलते समय अचानक लेन बदलना है। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा वाहन जब अचानक लेन बदलता है तो पीछे से आने वाले वाहनों के लिए नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है।
राजस्थान के बाद अब हरियाणा में भी लागू हुई व्यवस्था
पहले यह व्यवस्था राजस्थान क्षेत्र में लागू की गई थी। वहां कैमरों के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद अब हरियाणा क्षेत्र में भी इसे लागू कर दिया गया है।
NHAI अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा के मेवात क्षेत्र में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, क्योंकि यहां एक्सप्रेसवे पर हादसों की संख्या अधिक रही है।
ट्रक और डंपर चालकों पर विशेष नजर
अधिकारियों के मुताबिक, कारों की तुलना में ट्रक और डंपर चालक ज्यादा बार अचानक लेन बदलते हैं। कई बार भारी वाहन पहली लेन से सीधे तीसरी या चौथी लेन में चले जाते हैं, जिससे पीछे से तेज गति से आ रहे वाहन टकरा जाते हैं।
NHAI ने कहा- सुरक्षा के लिए जरूरी है सख्ती
NHAI सोहना के परियोजना निदेशक पीके कौशिक ने बताया कि हरियाणा क्षेत्र में कैमरों का सॉफ्टवेयर अपडेट कर दिया गया है और अचानक लेन बदलने पर चालान शुरू हो चुके हैं।

