Haryana News: हरियाणा सरकार और नगरपालिका कर्मचारी संघ तथा हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के बीच बुधवार को हुई महत्वपूर्ण वार्ता किसी समाधान तक नहीं पहुंच सकी। बैठक के बावजूद 13 मई को हुए समझौते को लागू करने से जुड़े आदेश जारी नहीं हो पाए, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 6, 7 और 8 अगस्त को प्रस्तावित तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया है।
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, हरियाणा अग्निशमन विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कर्मचारी संगठनों की ओर से नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा तथा हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंद और महासचिव गुलशन भारद्वाज समेत अन्य प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक के बाद कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने 13 मई को हुए समझौते को लागू नहीं किया है। उनका कहना है कि बुधवार की बैठक में भी सहमति वाली मांगों पर लिखित आदेश जारी करने के बजाय केवल आश्वासन दिया गया।
17 मांगों को लेकर आंदोलन
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, 13 मई के समझौते में सफाई कर्मचारियों, सीवर कर्मचारियों, माली, बेलदार, इलेक्ट्रिशियन, हेल्पर, क्लर्क, फायरमैन और ड्राइवरों को नियमित करने, सफाई और सीवर कार्य में ठेका प्रथा समाप्त करने, ठेका कर्मचारियों को विभागीय रोल पर लेने, रिक्त पदों पर भर्ती करने और श्रम कानूनों के लाभ देने सहित कई मांगों पर सहमति बनी थी।
इसके अलावा कच्चे कर्मचारियों को एक्स-ग्रेशिया योजना का लाभ, 58 और 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी व सम्मान राशि, चिकित्सा सुविधाएं, छंटनी किए गए कर्मचारियों की बहाली, सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता, फायर कर्मचारियों को वर्दी एवं जोखिम भत्ता तथा ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता और नियमित नौकरी देने जैसी मांगें भी शामिल थीं।
हड़ताल से सेवाओं पर असर की आशंका
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि मांगों को लागू करने के लिए सरकार की ओर से आदेश जारी नहीं होने के कारण अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल की जाएगी। तीन दिवसीय हड़ताल से प्रदेश के नगर निकायों में सफाई व्यवस्था, सीवर संचालन और अग्निशमन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

