वॉयस ऑफ पानीपत ( आयुषी त्यागी ) : हरियाणा के पानीपत में इंसानियत खत्म कर देने वाली घटना सामने आई है जहां शिव नगर में सोमवार सुबह एक नवजात शिशु प्लास्टिक के कट्टे में बंद हालत में सड़क किनारे मिला। घर के बाहर सफाई कर रही महिला की नजर कट्टे पर पड़ी तो उसमें हलचल दिखाई दी। आसपास के लोगों की मदद से कट्टा खोला गया तो अंदर 2-3 घंटे पहले जन्मा नवजात मिला, जिसकी गर्भनाल भी नहीं काटी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज और पुलिस की पड़ताल में पूरे मामले का खुलासा हो गया।

कट्टे में मिला नवजात शिशु
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे महिला ने कट्टे में हरकत देख अपने बेटे और आसपास के लोगों को बुलाया। लोगों ने सावधानी से कट्टे की गांठ खोली तो अंदर नवजात शिशु मिला। तुरंत डायल-112 पर सूचना देकर उसे सनौली रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद CWC और पुलिस की मौजूदगी में नवजात को सिविल अस्पताल की SNCU यूनिट में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या ने भी अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। इसके बाद टीम ने करीब 20 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और लेबर क्वार्टर के 100 से ज्यादा कमरों की जांच करते हुए तीसरी मंजिल पर रह रही महिला तक पहुंच गई।
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। उसके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है और उसकी चार बेटियां हैं। करीब डेढ़ साल पहले वह एक रिश्तेदार के साथ पानीपत आई थी। दोनों के बीच संबंध बनने के बाद वह गर्भवती हो गई, लेकिन गर्भ की जानकारी मिलने पर रिश्तेदार उसे छोड़कर चला गया। महिला ने बताया कि रविवार रात घर पर ही बच्चे को जन्म दिया और लोकलाज के डर से नवजात को प्लास्टिक के कट्टे में बंद कर सड़क किनारे छोड़ दिया।
फिलहाल नवजात का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है, जबकि पुलिस महिला को हिरासत में लेकर मामले की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

