वॉयस ऑफ पानीपत (तमन्ना गोयल)- सफदरजंग के बाद मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद गुरुवार रात अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने निर्णय लिया। अनशन समाप्त होने के बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि केंद्र स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी हॉस्पिटल पहुंचे जहां जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया।

सोनम वांगचुक को हॉस्पिटल में जूस पिलाते जेपी नड्डा
दरअसल सोनम वांगचुक पेपर लीक के खिलाफ 27 दिन से अनशन पर थे। कल रात अपना अनशन खत्म कर उन्होंने जारी वीडियो संदेश में बताया कि उनकी पिछले दो दिनों से सरकार के साथ बातचीत चल रही थी। उनका कहना था कि केवल मौखिक नहीं, बल्कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वे अपना अनशन समाप्त करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया है कि वे पेपर लीक मुद्दे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर संसद में विस्तार से चर्चा करेंगे। सरकार द्वारा लिखित पत्र मिलने के बाद ही उन्होंने अपना अनशन खत्म किया है। रात को जेपी नड्डा और जीतेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें सोनम वांगचुक को शॉल ओढ़ाई और जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।सरकार से उनकी तीन बातों पर भी सहमति बनी है। उनके द्वारा ये आश्वासन दिलाए हैं:-
- जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है।
- परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने का आश्वासन दिया है।
- कथित नीट पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार सकारात्मक विचार कर रही है।
सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में यह भी बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात कर उन्हें हस्ताक्षर पत्र सौंपा और कहा कि परीक्षा प्रणाली और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा कराएंगे। उन्होंने बताया कि जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और ‘लद्दाख एपेक्स बॉडी’ के नेताओं की मौजूदगी में जूस पीकर उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया। इसके अलावा उनकी वीडियो में धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है।इसके बाद उन्होने सरकार के लिए एक पत्र लिखा।

सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर:-
मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती सोनम वांगचुक की तबीयत अभी स्थिर है। उन्हें आईसीयू में रखकर स्पेशल मल्टी डिसिप्लिनरी टीम की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है।हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संजय दुरानी से मिली जानकारी के अनुसार सोनम वांगचुक की स्थिति पूरी तरह से स्थिर है और वे होश में हैं। उन्होंने बताया कि उनके सभी वाइटल्स साइंस एक्सेप्टेड मापदंडों के भीतर हैं और उन्हें दिया जा रहा सारा इलाज उनकी सहमति के आधार पर ही किया जा रहा है।
सीजेपी और सोनम वांगचुक का रुख अलग:-
वहीं राजनीति के जानकारों की मानें तो दिल्ली के जंतर मंतर पर डटे सीजेपी के नेताओं और सोनम वांगचुक के बीच अब मांगों को लेकर अपना अलग रुख दिखने लगा है। सीजेपी के नेताओं का पूरा ध्यान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर है। इसके अलावा वांगचुक की ओर से जारी अपनी चिट्ठी और वीडियो संदेश में उनकी प्राथमिकता राजनीतिक इस्तीफों के बजाय आंदोलन में शामिल युवाओं का भविष्य बचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा उनकी मांगे मान ली गई हैं, इसलिए वे अपना अनशन खत्म कर रहे हैं।
TEAM VOICE OF PANIPAT

